कार्यरत डॉक्टरों को एडवांस इलाज की ट्रेनिंग मिलेगी : गवर्निंग बॉडी में दिल्ली एम्स, इंडियन साइंस और टाटा मैमोरियल का भी होगा हिस्सा  

आईआईटी-आईआईएम की भागीदारी होगी

कार्यरत डॉक्टरों को एडवांस इलाज की ट्रेनिंग मिलेगी : गवर्निंग बॉडी में दिल्ली एम्स, इंडियन साइंस और टाटा मैमोरियल का भी होगा हिस्सा  
रिम्स में डॉक्टरों को एडवांस इलाज के लिए ट्रेनिंग भी दी जाएगी, ताकि वे दूरस्थ इलाकों में बेहतर सेवाएं दे सकें।

जयपुर। जयपुर में दिल्ली एम्स की तरह रिम्स का खास फोकस रिसर्च होगा, ताकि मेडिकल सेवाओं में नवाचार हों। यहां डॉक्टर्स की प्राइवेट प्रेक्टिस पर प्रतिबंध रहेगा। वे घर मरीज नहीं देख सकेंगे। एम्स की तरह अलग भत्ते होंगे। डॉक्टरों का वेतन अन्य मेडिकल शिक्षा से जुड़े डॉक्टरों से ज्यादा होगा। रिम्स को इंटरनेशनल मेडिकल इंस्टीट्यूट के प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए यहां खास गर्वनिंग बॉडी बनाई जाएगी। इसमें देश के टॉप मेडिकल संस्थानों जैसे एम्स दिल्ली, आईआईएम, आईआईटी, टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई, बैंगलूरु की इंडियन साइसं इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधि सदस्य होंगे जो निश्चित अंतराल में इसमें रिसर्च को आगे बढ़ाने के सुझाव देंगे। रिम्स में डॉक्टरों को एडवांस इलाज के लिए ट्रेनिंग भी दी जाएगी, ताकि वे दूरस्थ इलाकों में बेहतर सेवाएं दे सकें।

रिम्स में मेडिकल कॉलेजों से अलग पॉलिसी क्यों
नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फैमवर्क यानी एनआईआरएफ में शोध के आधार पर देश में 2023 में 46वीं, 2025 में 43वीं रैंक है। रिसर्च की एथिकल कमेटी औपचारिक मात्र है। रिटायर प्रोफेसर ही बरकरार हैं। चिंता की बात यह भी है कि देश के आधा दर्जन से अधिक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज रिसर्च में एसएमएस मेडिकल कॉलेज से आगे हैं। प्राइवेट प्रेक्टिस पर प्रतिबंध ना होना भी इसका बड़ा कारण है। रिसर्च ना होने से कॉलेज बड़ा फंड भी नहीं मिल रहा है। मुख्य सचिव को रिम्स का अध्यक्ष भी इसलिए बनाया गया है ताकि रिसर्च में प्रशासनिक अड़चन तुरंत निपटाई जा सके। दुनिया के कई इंस्टीट्यूट से भी रिसर्च को एमओयू होंगे। 

एक्सपर्ट डॉक्टर ही तैयार होंगे
रिम्स में एमबीबीएस नहीं होगी। यहां एमबीबीएस  के बाद स्क्रीनिंग सिस्टम से एक्सपर्ट डॉक्टर तैयार होंगे। इसलिए केवल पीजी पाठ्यक्रम ही इंस्टीट्यूट में चलेगा। प्रदेश में अभी विषय विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। जिलों में मेडिकल कॉलेज तो खुल गए हैं, लेकिन एमबीबीएएस डॉक्टर तैयार करने के लिए फैकल्टी की भारी कमी है। ऐसे में इंस्टीट्यूट से विषय विशेषज्ञ डॉक्टरों के अलावा मेडिकल टीचर्स तैयार करने में भी अहम भूमिका होगी।

रिसर्च के जुनूनी स्टॉफ को ही रखेंगे
रिम्स में आरयूएचएस समाहित होगा। यहां काम करने वाले डॉक्टर-स्टॉफ में से जो यहां रिसर्च सहित एडवांस मेडिकल सेवाओं में भागीदारी चाहेगा, स्क्रीनिंग से चयनित होगा। बाकी स्टॉफ मेडिकल सेवाओं में मर्ज होगा। यहां 1100 बैड्स का अस्पताल होगा, जिसमें जयपुरिया अस्पताल, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट भी रहेंगे। सुपर स्पेशयलिटी सेवाएं होंगी। डवलपमेंट पर 750 करोड़ खर्च होंगे। हर साल पांच करोड़ अतिरिक्त दिए जाएंगे। 

Read More जयपुर में सियासी बयान: नेता प्रतिपक्ष बोले- प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

डीएलसी दरों में प्रस्तावित 40% बढ़ोतरी पर क्रेडाई का विरोध, कहा- रियल एस्टेट और आमजन दोनों होंगे प्रभावित डीएलसी दरों में प्रस्तावित 40% बढ़ोतरी पर क्रेडाई का विरोध, कहा- रियल एस्टेट और आमजन दोनों होंगे प्रभावित
क्रेडाई राजस्थान ने डीएलसी दरों में प्रस्तावित 40 प्रतिशत तक वृद्धि का विरोध करते हुए रियल एस्टेट, आमजन और राज्य...
प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक न्यूजीलैंड यात्रा: ऑकलैंड में भारतीय समुदाय और द्विपक्षीय संबंधों पर रहेगा फोकस, पीएम लक्सन के साथ करेंगे द्विपक्षीय वार्ता
E20 पेट्रोल सस्ता क्यों नहीं? केंद्र ने बताया- तेल आयात घटाना और किसानों को फायदा
ब्लॉक कार्य स्थगित होने से जैसलमेर-जयपुर रेलसेवा रीस्टोर, रेलवे ने जारी किए निर्देश
एथनॉल मिश्रण नीति के खिलाफ युवा कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, सरकार पर उपभोक्ताओं को गुमराह करने का आरोप
योगी का अखिलेश पर हमला: सपा सरकार में "जय श्रीराम" का नारा लगाने वालों को भेजा जाता था जेल, 17 परियोजनाओं का किया लोकार्पण 
साइबर अपराधियों के खिलाफ जयपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 215 मोबाइल बरामद और पांच आरोपी गिरफ्तार