साइबर ठगों पर सख्त शिकंजा, 'जीरो टाइम लैग' के लक्ष्य के साथ बैंक-पुलिस समन्वय होगा मजबूत
शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित
जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की विशेष साइबर समन्वय बैठक आयोजित हुई। बैठक में साइबर ठगी की घटनाओं पर त्वरित अंकुश लगाने के लिए 'जीरो टाइम लैग' को लक्ष्य बनाते हुए बैंकों और पुलिस के बीच प्रतिक्रिया समय को न्यूनतम करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर ठगी के मामलों में ठगी गई राशि को तत्काल रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए बैंकों का रिस्पॉन्स टाइम यथासंभव शून्य के करीब लाया जाएगा, ताकि पीड़ितों को शीघ्र राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि 1930 साइबर हेल्पलाइन और बैंकों के बीच समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
बैठक में बताया गया कि 190 बैंक शाखाओं की गतिविधियों पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी रखी जाएगी। साथ ही, संदिग्ध बैंक खातों की केंद्रीकृत मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे साइबर अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई संभव होगी और आमजन को बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा, साइबर ठगी के पीड़ितों को उनकी राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया को और अधिक तेज, सरल एवं प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बुधवार को सभी बैंकों के प्रतिनिधि पुलिस मुख्यालय स्थित 1930 कॉल सेंटर का दौरा करेंगे, ताकि बैंकिंग तंत्र और पुलिस के बीच समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

Comment List