शहर में आ रहा पीला पानी : विभाग ने दी क्लीन चिट, कहा- जांच में सभी सैंपल मानकों पर खरे; आमजन में फैला डर
लोगों ने कहा: ऐसा पानी कैसे पिएं
कई इलाकों में पीले और बदबूदार पानी की शिकायतें सामने आईं। हालांकि जलदाय विभाग ने जांच के बाद पानी को पूरी तरह सुरक्षित बताया। अधिकारियों के मुताबिक, बढ़ते तापमान में काई के विघटन और क्लोरीन की प्रतिक्रिया से यह अस्थायी बदलाव हुआ है। विभिन्न जलाशयों के सैंपल मानकों पर खरे उतरे हैं।
जयपुर। राजधानी जयपुर में पीले पानी की समस्या शनिवार को बनी रही। शहर के चारदीवारी सहित कई इलाकों में पानी का रंग पीला आया और पानी में बदबू आने पर लोगों ने शिकायत की। वहीं दूसरी ओर विभाग ने अपनी जांच में इस पीले पानी को पूरी तरह से क्लीन चिट देते हुए इसे पूरी तरह से सुरक्षित बताया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पानी के सैंपल की जांच कराने के बाद रिपोर्ट में सामने आया है कि सभी सैंपल जांच में मानकों पर खरे उतरे हैं और यह पानी पूरी तरह से पीने के लिए सुरक्षित है।
ये बताई पानी पीला होने की वजह
जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि मई माह में तापमान में अचानक वृद्धि के कारण जलाशयों में मौजूद जलीय वनस्पति यानी क्लोरोफाइट जिसे आम भाषा में काई भी कहते हैं, के विघटन और क्लोरीन के साथ उसकी प्रतिक्रिया से पानी में अस्थायी रूप से पीलेपन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। वर्ष 2022 में भी इसी प्रकार की स्थिति सामने आई थी, जिसे वैज्ञानिक परीक्षणों में सुरक्षित पाया था। शहर में पीले पानी की शिकायतों के बाद बालावाला, जवाहर सर्किल, रामनिवास बाग, अमानीशाह नाला और मानसरोवर स्थित विभिन्न स्वच्छ जलाशयों से पानी के नमूने लेकर गांधीनगर प्रयोगशाला में परीक्षण किया।
अधिकारियों ने किया फिल्टर प्लांट का दौरा
अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड़ के निर्देशन में शनिवार को अधीक्षण अभियन्ता रसायनज्ञ की टीम ने सूरजपुरा फिल्टर प्लांट सहित विभिन्न क्षेत्रों में जल गुणवत्ता की गहन जांच की। वहीं मुख्य अभियंता शहरी एवं एनआरडब्ल्यू देवराज सोलंकी ने बालावाला एवं रेनवाल स्थित हैडवर्क्स का निरीक्षण कर निरंतर मॉनिटरिंग और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

Comment List