स्वर्ण नगरी का चढ़ा पारा, शहर की व्यस्त रहने वाली सड़कें पूरी तरह सूनी
इंसान तो इंसान पशु-पक्षी भी बेहाल
जैसलमेर। सीमावर्ती जिला जैसलमेर इन दिनों प्रचंड गर्मी व भीषण लू की तगड़ी की गिरफ्त में है। रविवार को थार का रेगिस्तान मानो आग उगलने लगा, जिससे स्वर्ण नगरी का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। झुलसाने वाली गर्मी ने सीमांत क्षेत्र के जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है शनिवार से ही गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे, जब अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। रविवार को इस तपिश ने अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। सुबह से ही शुरू हुई तीखी धूप दोपहर होते-होते आग के थपेड़ों में बदल गई, जिसके कारण शहर की व्यस्त रहने वाली सड़कें पूरी तरह सूनी पड़ गईं।
प्रमुख बाजारों में भी आम दिनों की तुलना में बेहद कम चहल-पहल देखने को मिली। रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का सबसे बुरा असर खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मजदूर हैं जो दोपहर के समय सीधे धूप में काम कर रहे हैं। वहीं राहगीरों और चौराहों पर मुस्तैद यातायात कर्मियों को भीषण परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग जगह-जगह छांव व ठंडे पानी की तलाश में भटकते नजर आए। ऐसे में शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर रखे शीतल जल के कैम्पर लोगों के लिए राहत साबित हो रहे हैं। इंसानों के साथ-साथ इलाके के पशु-पक्षी भी इस जानलेवा तपिश से व्याकुल और बेहाल दिखाई दे रहे हैं।
फिलहाल राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग के पूवार्नुमान के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक तापमान में किसी भी प्रकार की बड़ी गिरावट होने की कोई संभावना नहीं है। थार के इस इलाके में तेज गर्मी और लू का यह दौर फिलहाल ऐसे ही जारी रहने के संकेत हैं। प्रशासन ने भी आमजन से सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के सभी उपाय अपनाने की पुरजोर अपील की है।

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