गर्भवतियों को अब बिना रिप्लेसमेंट मिलेगा खून, मातृ मृत्यु रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फैसला
नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया
जयपुर। प्रदेश में गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं की मौत के मामलों को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब किसी भी सरकारी अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंचने वाली गर्भवती महिला को यदि तत्काल रक्त की आवश्यकता होगी तो उसे बिना किसी रिप्लेसमेंट डोनर और बिना इंतजार के ब्लड स्टोरेज अथवा ब्लड बैंक से रक्त उपलब्ध कराया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य आपात स्थिति में समय पर रक्त उपलब्ध कराकर मातृ मृत्यु दर में कमी लाना है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रदेश में हाल के वर्षों में प्रसूताओं की मौत के मामलों की समीक्षा में यह सामने आया कि बड़ी संख्या में मौतों का कारण गंभीर एनीमिया (खून की कमी) तथा प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव (पोस्ट पार्टम हेमरेज) रहा है। कई मामलों में समय पर रक्त नहीं मिलने या रिप्लेसमेंट डोनर की व्यवस्था करने में देरी होने से स्थिति गंभीर हो गई। इसी को देखते हुए विभाग ने यह नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
नई व्यवस्था के तहत सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंक और ब्लड स्टोरेज यूनिट को निर्देश दिए जा रहे हैं कि आपातकालीन स्थिति में गर्भवती महिला को प्राथमिकता के आधार पर रक्त उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए परिजनों से पहले रिप्लेसमेंट डोनर लाने की अनिवार्यता नहीं होगी। मरीज की जान बचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और बाद की औपचारिकताएं नियमानुसार पूरी की जाएंगी।
विभाग का मानना है कि प्रसव के दौरान कई बार कुछ ही मिनटों में अधिक रक्त बहने से महिला की हालत बेहद गंभीर हो जाती है। ऐसे मामलों में रक्त उपलब्ध कराने में हुई थोड़ी सी देरी भी जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए अस्पतालों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि ब्लड बैंक में पर्याप्त मात्रा में रक्त उपलब्ध रखने के साथ-साथ आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को भी मजबूत किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए पहले से ही हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान, नियमित जांच, एनीमिया नियंत्रण, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा, जननी एक्सप्रेस सेवा और हाल ही में शुरू की गई प्रसव सखी जैसी पहल पर काम कर रहा है। अब बिना रिप्लेसमेंट रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी इसी श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि इस निर्णय से विशेष रूप से दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली गर्भवती महिलाओं को बड़ा लाभ मिलेगा। कई बार गरीब परिवार तत्काल रक्तदाता की व्यवस्था नहीं कर पाते, जिससे उपचार में देरी होती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसी परिस्थितियों में मरीज को तत्काल रक्त चढ़ाया जा सकेगा, जिससे गंभीर मामलों में माताओं की जान बचाने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग इस व्यवस्था की नियमित निगरानी भी करेगा ताकि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

Comment List