2030 तक राजस्थान में गैस नेटवर्क विस्तार का बड़ा लक्ष्य, पीएनजी-सीएनजी के विस्तार पर जोर
पर्यावरण अनुकूल पाइप्ड प्राकृतिक गैस की सुविधा
जयपुर। राजस्थान सरकार ने वर्ष 2030 तक प्रदेश में प्राकृतिक गैस नेटवर्क के व्यापक विस्तार का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत घरेलू, औद्योगिक और परिवहन क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और सीएनजी के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य सरकार स्वच्छ ऊर्जा आधारित विकास मॉडल को प्राथमिकता देते हुए गैस अवसंरचना के विस्तार पर तेजी से काम कर रही है। राज्य में विभिन्न सिटी गैस कंपनियां गैस वितरण नेटवर्क का विस्तार कर रही हैं। राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड अब तक 3,468 घरेलू पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध करा चुकी है और 23 कॉलोनियों को एलपीजी मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है। वहीं इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने 4,096 घरेलू कनेक्शन देकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है तथा उसके 84 सीएनजी स्टेशन संचालित हो रहे हैं।
टोरेंट गैस प्रदेश में सबसे बड़ा सीएनजी नेटवर्क संचालित कर रही है, जिसके 101 सीएनजी स्टेशन कार्यरत हैं। कंपनी घरेलू गैस कनेक्शन और एलपीजी मुक्त कॉलोनियों के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। प्राकृतिक गैस के उपयोग में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में 1,553 औद्योगिक एवं व्यावसायिक उपभोक्ता गैस नेटवर्क से जुड़े हैं। अप्रैल से जुलाई के बीच 242 नए उपभोक्ताओं को गैस कनेक्शन दिए गए हैं। इससे उद्योगों को किफायती और निर्बाध ईंधन उपलब्ध होने के साथ उत्पादन लागत घटने और प्रदूषण कम होने की उम्मीद है।
एलपीजी मुक्त कॉलोनियों के विकास में अडाणी टोटल गैस सबसे आगे है, जिसने 44 कॉलोनियों को एलपीजी मुक्त घोषित किया है। टोरेंट गैस 34, हरियाणा सिटी गैस 26 और राजस्थान स्टेट गैस 23 कॉलोनियों में गैस नेटवर्क का विस्तार कर रही हैं। सरकार ने कंपनियों को अधूरे कनेक्शन शीघ्र पूरे करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक परिवारों को सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण अनुकूल पाइप्ड प्राकृतिक गैस की सुविधा मिल सके।

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