ईसरदा बांध फेज-2 को मंजूरी की दिशा में बड़ा कदम, 39 गांवों में 4,089 हेक्टेयर भूमि होगी अधिग्रहित
लगभग 13 प्रतिशत भूमि अधिग्रहित होगी
जयपुर। संशोधित पीकेसी-ईआरसीपी (PKC-ERCP) परियोजना के तहत ईसरदा बांध के दूसरे चरण को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। बांध को 262 आरएल (Reduced Level) मीटर तक भरने के लिए टोंक और सवाई माधोपुर जिलों में बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए बहुउद्देशीय विशेषज्ञ समिति भूमि का मूल्यांकन कर चुकी है। योजना के दूसरे चरण में कुल 4,089.3550 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। इसमें 1,633.2729 हेक्टेयर गैर-कृषि भूमि तथा 2,456.0821 हेक्टेयर सिंचित बहुफसल कृषि भूमि शामिल है।
भूमि अधिग्रहण टोंक जिले के 35 गांवों और सवाई माधोपुर जिले के 4 गांवों, यानी कुल 39 गांवों में किया जाएगा। इन गांवों का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 29,753.41 हेक्टेयर है, जिसमें से लगभग 13 प्रतिशत भूमि अधिग्रहित होगी। ईसरदा बांध का यह दूसरा चरण संशोधित पीकेसी-ईआरसीपी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य चंबल बेसिन के जल का बेहतर उपयोग करते हुए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सिंचाई और पेयजल की दीर्घकालिक उपलब्धता सुनिश्चित करना है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना के निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है, जिससे भविष्य में जल संकट वाले क्षेत्रों को बड़ी राहत मिल सकेगी।

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