खेतों में झूल रही 11 केवी की हाईटेंशन लाइनें बनी खतरा

जर्जर पोल से किसानों की जान पर संकट

खेतों में झूल रही 11 केवी की हाईटेंशन लाइनें बनी खतरा
तेज हवा, बारिश और आंधी में बिजली की लाइनें टूटने और पोल गिरने का खतरा रहता है।

भवानीमंडी। भवानीमंडी क्षेत्र के किसानों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर समस्या सामने आई है। गुराडिया माना गांव सहित आसपास के कई खेतों में 11 केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइनें और बिजली के पोल खतरनाक स्थिति में झूल रहे हैं। खेतों के बीच से गुजर रही इन लाइनों के नीचे किसान रोजाना कृषि कार्य करने को मजबूर हैं, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। 

ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक न तो झूल रही लाइनों को व्यवस्थित किया गया और न ही जर्जर हो चुके पोलों को बदला गया। किसानों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को स्थिति की जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार कई स्थानों पर तार सामान्य ऊंचाई से काफी नीचे आ गए हैं, जिससे कृषि कार्य के दौरान खतरा और बढ़ जाता है। खेतों में ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों का उपयोग करते समय किसान हमेशा भय के साये में रहते हैं।

बरसात से पहले बढ़ी चिंता 
ग्रामीणों का कहना है कि आगामी बरसात का मौसम स्थिति को और अधिक गंभीर बना सकता है। तेज हवा, बारिश और आंधी के दौरान झूल रही लाइनें टूटने या पोल गिरने की आशंका बनी रहती है। यदि ऐसा हुआ तो खेतों में काम कर रहे किसानों, मजदूरों और पशुओं की जान को खतरा हो सकता है। इसके साथ ही विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो सकती है। किसानों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले यदि आवश्यक सुधार कार्य नहीं कराया गया तो किसी भी समय दुर्घटना घट सकती है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

किसानों ने जताई नाराजगी 
गुराडिया माना निवासी मेहरबान सिंह, मनोहर सिंह और राजेंद्र सिंह उर्फ पप्पू ने विभागीय कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा हो। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है।

11 केवी लाइनों को तत्काल सुरक्षित ऊंचाई पर किया जाए 
ग्रामीणों ने मांग की है कि खेतों में झूल रही 11 केवी लाइनों को तत्काल सुरक्षित ऊंचाई पर किया जाए तथा कमजोर और जर्जर पोलों को बदलकर नई व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। विद्युत विभाग को किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवश्यक कदम उठाने चाहिए। खेतों में झूल रही हाईटेंशन लाइनें न केवल किसानों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। 

इनका कहना है
क्षेत्र में कई स्थानों पर विद्युत लाइनों और पोलों के सुधार का कार्य चल रहा है। इस समस्या को भी प्राथमिकता के आधार पर जल्दी ठीक कराया जाएगा।
- अनंत सिन्हा, जेईएन, विद्युत विभाग, भवानीमंडी।

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