SDRF का मानवीय चेहरा : आहू नदी पार कर 11 परीक्षार्थियों को सुरक्षित समय पर पहुँचाया परीक्षा स्थल
तेज बहाव के बीच हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
एसडीआरएफ की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल विद्यार्थियों की जान बचाई बल्कि उन्हें परीक्षा देने का अवसर भी प्रदान किया।
झालावाड़। मानसून के इस दौर में जब लगातार हो रही बारिश से नदियां और नाले उफान पर हैं, ऐसे समय में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने एक बार फिर अपने मानवीय और साहसिक कार्यों से उदाहरण पेश किया है। आज प्रातः 10:10 बजे पुलिस कन्ट्रोल रूम झालावाड़ से सूचना मिली कि मंडावर थाना क्षेत्र के अन्तर्गत गागरोन कस्बा आहू नदी के तेज बहाव के कारण टापू में बदल गया है। यहां पर 11 परीक्षार्थी परीक्षा देने जाते समय फंस गए और समय पर परीक्षा स्थल तक नहीं पहुँच पा रहे थे। यह सूचना मिलते ही SDRF राजस्थान कंट्रोल रूम जयपुर को तत्काल अवगत कराया गया। SDRF कंट्रोल रूम ने कमाण्डेन्ट राजेन्द्र सिंह सिसोदिया के निर्देशानुसार मानसून सत्र 2025 के लिए तैनात एसडीआरएफ बी कम्पनी कोटा की रिजर्व पुलिस लाइन झालावाड़ स्थित रेस्क्यू टीम बी-06 को मौके पर भेजा। टीम प्रभारी हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार के नेतृत्व में 13 जवान आपदा राहत उपकरणों व मोटर बोट के साथ प्रातः 10:50 बजे घटनास्थल पहुंचे।
तेज बहाव के बीच हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
टीम कमाण्डर ने मौके का जायजा लेकर कमाण्डेन्ट को स्थिति से अवगत कराया। आहू नदी उस समय पूरे वेग से बह रही थी, जिससे गागरोन कस्बा पूरी तरह से टापू में तब्दील हो चुका था। नदी के तेज बहाव के बीच परीक्षार्थियों को सुरक्षित निकालना आसान नहीं था, लेकिन SDRF जवानों ने दृढ़ निश्चय के साथ ऑपरेशन शुरू किया। जोखिम उठाकर नदी पार करवाते हुए सभी 11 परीक्षार्थियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें समय पर उनके परीक्षा केन्द्र तक पहुँचाया गया।
सुरक्षित निकाले गए परीक्षार्थियों की सूची –SDRF की संवेदनशीलता बनी मिसाल
एसडीआरएफ की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल विद्यार्थियों की जान बचाई बल्कि उन्हें परीक्षा देने का अवसर भी प्रदान किया। समय पर पहुँचने से परीक्षार्थियों के भविष्य पर संकट टल गया। ग्रामीणों और परिजनों ने SDRF जवानों की इस मानवीय पहल की सराहना की।

Comment List