एक साल में बने 64 हजार पासपोर्ट

क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय खुलने से तत्काल पासपोर्ट भी कोटा में ही बन रहे

एक साल में बने 64 हजार पासपोर्ट

इस कार्यालय को शुरु हुए करीब एक साल का समय हो चुका है। इस अवधि में यहां से 64 हजार 743 पासपोर्ट जारी हो चुके है।

कोटा ।  कोटा में नियमित हवाई सेवा शुरू होने में भले ही अभी समय लग रहा है। लेकिन उससे पहले ही पासपोर्ट बनवाने का क्रेज लगातार बढ़ता ही जा रहा है। कोटा में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय खुलने के बाद एक साल में करीब 64 हजार से अधिक पासपोर्ट जारी किए जा चुके है। अब तत्काल पासपोर्ट भी कोटा में ही बनने लगे है। कोटा में पहले केवल नॉमर्स पासपोर्ट ही बनाए जा रहे थे। ये पासपोर्ट नयापुरा स्थित डाकघर कार्यालय के पासपोर्ट सेवा केन्द्र में बन रहे थे। लेकिन वहां जगह कम व छोटी होने से समस्या का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही तत्काल पासपोर्ट बनवाने के लिए लोगों को जयपुर या अन्य शहरों में जाना पड़ रहा था। जिससे समय व धन अधिक खर्च हो रहा था। ऐसे में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से गत वर्ष सितम्बर 2023 में कोटा में पूर्ण पासपोर्ट केन्द्र क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय शुरू किया गया।  यह कार्यालय डकनिया स्टेशन रोड नम्बर दो स्थित इंडस्ट्रीयल एरिया में  29 सितम्बर को शुरू किया गया था। इस कार्यालय को शुरु हुए करीब एक साल का समय हो चुका  है। इस अवधि में यहां से 64 हजार 743 पासपोर्ट जारी हो चुके है। यानि करीब 5 हजार से अधिक पासपोर्ट हर माह जारी किए जा रहे हैं। 

शुरुआती 7 माह में जारीे हुए थे 31 हजार पासपोर्ट
पासपोर्ट कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय खुलने के बाद अक्टूर 2023 से अप्रेल 2024 तक 7 माह में कुल 31021 पासपोर्ट जारी हुए थे। वहीं 4796 पीसीसी जारी की गई थी। जबकि उसके बाद के 5 माह में 33 हजार से अधिक पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। साथ ही पीसीसी की संख्या भी शुरुआती 7 माह के बराबर ही करीब 4 हजार जारी की जा चुकी है।  

शम्भूपुृरा में प्रस्तावित है एयरपोर्ट
कोटा में वर्तमान में एयरपोर्ट तो है लेकिन वहां से नियमित हवाई सेवा नहीं है। नियमित हवाई सेवा शुरू करने के उद्देश्य से शम्भूपुरा में ग्रेीन फील्ड एयरपोर्ट प्रस्तावित है। जिसके लिए सरकार की ओर से नि:शुल्क जमीन आवंटित की जा चुकी है। साथ ही रा’य सरकार के स्तर पर एमओयू भी हो चुके  हैं। 

कोटा में केन्द्र खुलने से हुआ फायदा
कोटा में पूर्ण पासपोर्ट कार्यालय खुलने से लोगों को फायदा हुआ है। राीव गांधी नगर निवासी महेश गुप्ता का कहना है कि उन्हें तो विदेश जाने का मौका नहीं मिला। लेकिन उनके बच्चे मेडिकल व इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे है। ऐसे में उन्हें भविष्य में विदेश जाना पड़ सकता है। उसे देखते हुए उन्होंने कोटा में ही  पासपोर्ट कार्यालय खुलने पर अपना व बच्चों का पासपोर्ट बनवा लिया है। यहां कम समय में पासपोर्ट बनकर तैयार हो गया।  तलवंडी निवासी राजेन्द्र जैन ने बताया कि उनके बेटे का यूएस में एक आईटी कम्पनी से नौकरी के लिए लैटर आया है। ऐसे में उन्हें पासपोर्ट बनवाना था। कोटा में केन्द्र खुलने की जानकारी मिली तो यहां आवेदन किया। बिना किसी देरी के आसानी से पासपोर्ट बनकर तैयार हो गया। जबकि पहले समय अधिक लगने व जयपुर जाने की परेशानी के कारण ही पासपोर्ट नहीं बनवा पाए थे। 

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यह है स्थिति
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस कार्यालय के शुरु होने के बाद से अब तक एक साल में नॉर्मल पासपोर्ट के लिए 69 हजार 417 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनमें से 60 हजार 437 पासपोर्ट जारी किए जा चुके है। उसी तरह से तत्काल पासपोर्ट के लिए 4374 आवेदन प्राप्त हुए। उनमें से 4306 पासपोर्ट जारी किए जा चुके है।  वहीं पुलिस क्लीरेंस सर्टिफिकेट(पीसीसी) के 9098 आवेदन प्राप्त हुए। जिनमें से 8383 पीसीसी जारी की जा चुकी है। इस तरह से कुल 82 हजार 889 आवेदन प्राप्त हुए। जिनमें से 73 हजार 126 का निस्तारण किया जा चुका है। 

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इन 12 जिलों के बन रहे पासपोर्ट
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में कोटा के अलावा बूंदी, बारां, झालावाड़, सवाई माधोपुर, बांसवाड़ा,डूंगरपुर, प्रतापगढ़,उदयपुर, राजसमंद,चित्तौड़गढ़ व भीलवाड़ा  जिलों तक के पासपोर्ट बनाए जा रहे हैं। 

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इनका कहना है
 कोटा में रीजनल कार्यालय शुरू होने से स्थानीय लोगों को ही नहीं 12 जिलों के लोगों को फायदा हुआ है। अब उन्हें नॉर्मल व तत्काल पासपोर्ट बनवाने के लिए जयपुर जाने की जरूरत नहींÞ है। आवेदन करने पर प्रक्रिया पूरी करते ही कम से कम समय में पासपोर्ट जारी किए जा रहे हैं। नॉर्मल पासपोर्ट के लिए दो से तीन सप्ताह का समय है लेकिन वह भी कम समय में जारी हो रहे है। तत्काल में तो समय ही नहीं लगता। रीजनल कार्यालय खुलने के बाद एक साल में नॉर्मल  व तत्काल पासपोर्ट और पीसीसी के 82 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। जिनमें से 73 हजार से अधिक जारी किए जा चुके है। करीब 90 फीसदी पासपोर्ट जारी किए चुके है। जिनमें समय लग रहा है वह भी पुलिस सत्यापन व आवेदन की ओर से दस्तावेज पेश करने में देरी के कारण हो रहा है। पासपोर्ट केन्द्र खुलने से अब तत्काल पासपोर्ट भी यहीं बनने लगे हैं। 
-यशवंत माठे, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी

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