सीएडी की लापरवाही किसानों पर पड़ रही भारी : किसानों को नहीं मिल रहा पानी, नहरों में नहीं हो पा रहा पानी का पूरी तरह संचालन

समय रहते सफाई नहीं होने से नहरों में जमी काई

सीएडी की लापरवाही किसानों पर पड़ रही भारी : किसानों को नहीं मिल रहा पानी, नहरों में नहीं हो पा रहा पानी का पूरी तरह संचालन

नहरों में पानी संचालन नहीं होने के कारण खेत सूखे पड़े हैं।

इटावा। सीएडी विभाग की लापरवाही किसानों के लिए परेशानी बन गई है। नहरों में जगह जगह काई काई जम गई है। जिससे पानी का संचालन नहीं हो पा रहा है। जबकि अब फसलों के लिए पानी की आवश्यकता है। किसान फसलों को लेकर चिंतित ओर परेशान हैं। इटावा  ब्रांच केनाल और इससे निकली वितरिकाओं में रेगुलेशन के दौरान समय रहते सफाई कार्य नहीं होने के कारण जलीय वनस्पति के साथ काई जम गई है। जिसके चलते नहरों में पानी का प्रवाह बढ़ नहीं रहा है और नहरों की स्थिति ओवरफ्लो की बनी हुई है। लेकिन सीएडी के अधिकारी सिर्फ कागजों में खानापूर्ति करने में लगे हुए हैं। 

फसलों के पकाव का समय 
किसानों का कहना हे कि इस बार जनवरी के शुरूआत में बारिश होने के कारण किसानों के खेतो में एक पानी की पूर्ति हो गई। लेकिन मौसम के खुलने के साथ ही एक साथ फसलों के लिए पानी की आवश्यकता हुई है। लेकिन नहरों में पानी संचालन नहीं होने के कारण खेत सूखे पड़े हैं। किसान रामपाल, धर्मराज नागर, केदार लाल मीना सहित कई किसानों ने बताया कि इस बार मौसम ने साथ दिया है। अभी तक फसलों की पैदावार बढ़िया है। लेकिन अगर समय रहते पानी नहीं मिला तो सब कुछ बर्बाद हो जाएगा। क्योंकि अब फसलों के पकाव के साथ दाना पड़ने का समय है। 

निर्माण कार्यों की भी खुली पोल
नहरी क्षेत्र में जो नहरों के निर्माण कार्य हुए थे, उनकी भी पोल खुल गई है। नहरों में पानी के संचालन के दौरान कई जगह निर्माण क्षतिग्रस्त हो गए। किसानों ने इटावा ब्रांच केनाल के निर्माण कार्यों की भी जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही लाखों रुपए के नहरी पानी पहुंचाने के लिए टेंडर हुए हैं। लेकिन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से खानापूर्ति हो रही है। 

फसलों में पानी की डिमांड बढ़ गई है। लेकिन नहरों में प्रवाह कम है। काई और जलीय वनस्पति कांजी जमी हुई है जिससे जरा से प्रवाह से ही नहरें ओवरफ्लो हो जाती हैं। ऐसे में सिस्टम की खामी किसानों के लिए आने वाले समय में परेशानी बढ़ेगी। फसलों को पानी नहीं मिलने से फसलों में नुकसान होगा।
- अर्जुनलाल मीना, अध्यक्ष, जल वितरिका समिति, खातौली

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 नहरों में सफाई का कार्य कराया जा रहा है। नहरों में पानी का किसानों की डिमांड को देखते हुए पानी बढ़ाया जा रहा है। जल्द किसानों को पूर्ण प्रवाह से पानी देने का प्रयास रहेगा।
- विष्णु कुमार मीना, सहायक अभियंता, सीएडी, इटावा

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