पेट्रोल - डीजल देने से पंक्चर तक बनवा रही NHAI

दिन हो या रात, मुसीबत में पड़ जाएं तो एक कॉल पर आपकी मदद को दौड़ी चली आएगी टीम

पेट्रोल - डीजल देने से पंक्चर तक बनवा रही NHAI

जनवरी से अब तक एनएचआई करीब 150 से ज्यादा मुसीबत में फंसे लोगों की मदद कर चुकी है।

कोटा। केस- 1 - देर रात हाइवे पर खराब हुई गाड़ी
एनएचआई अधिकारियों ने बताया कि गत माह एक परिवार महाकाल के दर्शन करने उज्जैन जा रहे थे। इस दौरान देर रात 2 बजे उनकी कार बारां रोड पर खड़े गणेश मंदिर के पास टायर पंक्चर हो गया। कार चालक ने हैल्पलाइन नम्बर 1033  पर कॉल कर समस्या बताई। इस पर कस्टमर केयर ने पैट्रोलिंग व्हीकल को कॉल किया लेकिन उन्होंने अटैंड नहीं किया। इस पर कस्टमर केयर ने 2.30 बजे साइड इंजीनियर गोविंद को कॉल कर वाहन चालक के मुसीबत में होने की जानकारी दी तो उन्होंने टोल प्लाजा पर उपलब्ध स्टाफ को तुरंत मौके पर भेजा। स्टाफ ने गाड़ी का टायर खोल चालक को टायर के साथ शहर में स्थित दुकान पर पहुंचाया। वहीं, रात का समय होने पर महिलाओं व अन्य सदस्यों को सुरक्षित टोल प्लाजा पर पहुंचाया और गाड़ी के पास एक टोलकर्मी को तैनात किया।  इसके बाद सुबह 5.30 बजे दुकानदार को बुलाकर पंक्चर बनवाया। इसके बाद वह परिवार उज्जैन के लिए रवाना हुआ। 

केस-2 - बूंदी हाइवे पर पहुंचाया डीजल
साइड इंजीनियर सिंह ने बताया कि सितम्बर माह में बूंदी स्थित रामगंजबालाजी  के पास नेशनल हाइवे पर दोपहर को एक कार चालक धूप में परेशान हो रहा था। साइड निरीक्षण के दौरान यहां से गुजरने पर उन्हें देख बात करने पर पता चला कि गाड़ी में डीजल खत्म हो गया। इस पर उन्हें पास के टोल प्लाजा से पेट्रोलिंग व्हीकल को बुलवाकर 4 लीटर डीजल उपलब्ध करवाया। इस दौरान उन्हें एनएचआई द्वारा उपलब्ध करवाई जाने वाली सुविधाएं और हैल्पलाइन नम्बर की जानकारी देकर जागरूक किया। 

नेशनल हाइवे से गुजरने के दौरान यदि गाड़ी का पेट्रोल या डीजल खत्म हो जाए या फिर टायर पंक्चर हो जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है। बस, आपको एक कॉल करना होगा और एनएचआई मदद को दौड़ी चली आएगी। दरअसल, नेशनल हाइवे अथॉरिटी वाहन चालकों को कई तरह की आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवा रही है। लेकिन जानकारी के अभाव में लोग इन सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे। हालांकि, जागरूक वाहन चालक  मुसीबत में फंसने पर एनएचआई की 24 घंटे जारी रहने वाली आवश्यक  सुविधाओं से लाभांवित हो रहे हैं। जनवरी से अब तक एनएचआई करीब 150 से ज्यादा मुसीबत में फंसे लोगों की मदद कर चुकी है। 

आसान नहीं सुविधा का लाभ मिलना
महावीर नगर तृतीय निवासी अंशुमन, मृत्युंजय व पुनीत का कहना है, एनएचआई द्वारा की जा रही सुविधा सराहनीय है। लेकिन, इसका लाभ उठाना उतना ही आम आदमी के लिए मुश्किल है। एनएचआई को हाइवे पर जगह-जगह टॉल फ्री नम्बर लिखे डिस्पले बोर्ड, हाइवे का नम्बर व आसपास की लॉकेशन से संबंधित लैंडमार्क से संबंधित जानकारी दर्शाया जाना चाहिए, ताकि, सुविधाओं से अनजान व्यक्ति दिन या रात में किसी मुसीबत में फंस जाए तो वह कस्टमर केयर को संबंधित जानकारी दे सके। 

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इस तरह की मिलती हैं सुविधाएं
- सड़कों पर हो रहे गड्ढ़ों की जानकारी मिलने पर अधिकतम 48 घंटों में भरवा दिया जाता है। 
- हादसे के दौरान सड़कों से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को तुरंत हटवाकर यातायात बहाल करना।
- हाइवे से मृत मवेशी को हटवाना।
- गाड़ी खराब हो जाने पर के्रन के माध्यम से टोचन कर उसे दुकान तक सुरक्षित पहुंचाना। 
- टायर का पंक्चर बनवाना, पेट्रोल-डीजल उपलब्ध करवाना सहित अन्य सुविधाएं वाहन चालकों को उपलब्घ करवाई जाती है। 
- हाइवे की ऐसी लॉकेशन जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं होने पर टेलीफोनिक बूथ लगाए गए हैं, जिसे एसओएस बूथ कहा जाता है, जो सिटी से बाहर मंडाना टोल प्लाजा से आगे व पीछे हाइवे पर जगह जगह यह बूथ लगे हुए हैं। जहां से कस्टर केयर को कॉल किया जा सकता है। 
- एनएचआई कोटा डिविजन के दायरे में आने वाली 270 किमी की सड़क पर प्रत्येक टॉल प्लाजा पर सुविधा घर।

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पेट्रोल-डीजल का पैसा, लाने-ले जाने का नहीं
इंजीनियर सिंह ने कहा, हाइवे पर किसी वाहन का पेट्रोल-डीजल खत्म होने पर 1033 टोल फ्री नम्बर पर कॉल करने पर पेट्रोलिंग व्हीकल 10 लीटर पेट्रोल लेकर मौके पर पहुंचती है। जहां चालक को उसकी डिमांड के अनुरूप पेट्रोल या डीजल दिया जाता है। जिसके बदले चालक से केवल पेट्रोल-डीजल का ही पैसा लिया जाता है। इसके अलावा किसी भी तरह का अन्य कोई चार्ज नहीं वसूला जाता। यदि, पेट्रोलिंग व्हीकल द्वारा पेट्रोल-डीजल के अलावा किसी भी तरह का चार्ज वसूलता है तो उसकी शिकायत टोल-फ्री नम्बर पर शिकायत करने पर संबंधित संवेदक पर 10 हजार का जुर्माना कर चालक को उसका पैसा वापस दिलाया जाता है। हालांकि, इस तरह की नौबत नहीं आती, क्योंकि हर स्तर पर सुदृढ़ मॉनिटरिंग तंत्र विकसित किया गया है। इसके अलावा किसी की गाड़ी पंक्चर हो जाती है तो उसे के्रन के द्वारा दुकान तक टोचन कर ले जाया जाता है। 

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मुसीबत में फंसे तो यह करें चालक
नेशनल हाइवे अथॉरिटी प्राधिकरण हाइवे से गुजरने वाले वाहन चालकों के 24 घंटे में किसी भी वक्त मुसीबत में फंसने पर कई तरह से मदद कर रही है। इसके लिए हाइवे पर जगह-जगह हैल्पलाइन नम्बर 1033 लिखे डिसप्ले  बोर्ड लगा रखे हैं। यह नम्बर दिल्ली से संचालित हो रहा कस्टमर  केयर का है, जिस पर कॉल करने पर संबंधित व्यक्ति से उसकी परेशानी और लॉकेशन पूछी जाती है, जिसके बाद कस्टर केयर नजदीकी टोल पर तैनात पैट्रोलिंग व्हिकल, एम्बुलेंस, के्रन सहित हैल्पिंग टीम को कॉल  कर  संबंधित व्यक्ति तक मदद पहुंचाती है। इसके अलावा कस्टमर केयर हर 10 मिनट में मुसीबत में फंसे व्यक्ति को फोन कर मदद मिलने या नहीं मिलने का फलोअप करते हैं। यदि, समय पर मदद नहीं पहुंचती है तो संबंधित संवेदक पर एनएचआई 10 हजार का जुर्माना लगाया जाता है। 

मदद न मिलने तक फोलोअप
एनएचआई कोटा डिविजन के साइड इंजीनियर गोविंद सिंह ने बताया कि देश में एनएचआई का हैल्पलाइन नम्बर 1033 है। वहीं,10 अंकों का जिलेवाइज लॉकल नम्बर भी है, जो हाइवे पर जगह-जगह डिस्पले किए हैं। जिन पर कॉल करने पर  प्राधिकरण द्वारा संबंधित व्यक्ति को उसकी परेशानी से संबंधित मदद मुहैया करवाई जाती है। कस्टमर केयर मुसीबत में फंसे व्यक्ति के तब तक सम्पर्क में रहते हैं, जब तक मदद मुहैया नहीं हो जाती। मदद मिलने के बाद  फीडबैक के लिए फिर से चालक को कॉल कर सुझाव लिए जाते हैं। अब तक नेशनल हाइवे पर अलग-अलग तरह की परेशानियों में घिरे करीब 150 से ज्यादा लोगों की मदद की जा चुकी है। 

सुविधाओं के लिए एनएचआई तत्पर
भारतीय राष्टÑीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा वाहन चालकों को कई तरह की आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है। वहीं, हाइवे से संबंधित परेशानियों का समाधान करने व हरसंभव सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए एनएचआई तत्पर है। वाहन चालक हाइवे पर सुविधाओं में सुधार के लिए टोल फ्री नम्बर व शहर में स्थित विभागीय कार्यालय में सम्पर्क कर सुझाव दे सकते हैं। 
- राकेश मीणा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचआई कोटा 

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