इलेक्ट्रिक वाहनों की दौड़ पर चार्जिंग और मरम्मत लगा रही ब्रेक

शहर में चार्जिंग स्टेशन नहीं होने से अवैध रूप से चल रहे चार्जिंग पॉइंट

इलेक्ट्रिक वाहनों की दौड़ पर चार्जिंग और मरम्मत लगा रही ब्रेक

सार्वजनिक स्थानों पर बेटरी चार्जिंग की सुविधा शुरू होने के बाद शहर में ई बाइक की बिक्री में इजाफा होगा अभी 30 फीसदी का इजाफा हो चुका है।

कोटा। शहर में पिछले तीन सालों में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। सरकार की ओर से पर्यावरण को बेहतर बनाने और परिवहन के लिए सस्ता विकल्प मुहैया कराने के मकसद से इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पिछले दो साल से पेट्रोल डीजल के दामों हो रही लगातार बढ़ोतरी के चलते लोगों का इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री की ओर रुझान बढ़ा है। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों डिमांड का अंदाजा इस से लगा सकते है कि जून में खूले एक ई रिक्शा शो रूम ढाई महीने में ही 60 से अधिक ई रिक्शा बेच दिए हैं। शहर में करीब एक दर्जन से अधिक इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहनों के शो रूम है। सरकार की ओर से दी जा रही पांच हजार रुपए तक छूट दी जा रही जिसके चलते  लोगों रुझान बढ़ा है। ईवी एक्सपर्ट रामचंद्र ने बताया कि  ई वाहनों की बिक्री बढ़ने में दो बाधाए लोगों इसको खरीदने से रोक रही है एक तो शहर में पेट्रोल पंप की तर्ज पर चार्जिंग पॉइन्ट की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है। दूसरा इन वाहनों की मरम्मत के लिए हर जगह मिस्त्री नहीं होने से वाहन खराब होने पर उसे शो रूम में ले जाना ही विकल्प है। जिससे इसकी बिक्री 30 फीसदी तक ही पहुंची है। ये दोनों बाधाओं का निस्तारण हो जाए तो शहर में ई वाहन की 70 से 80 फीसदी तक पहुंच जाए। दूसरा सरकार की ओर से दिए जा रहे  प्रोत्साहन वाहनों और इनके कंपोनेंट को ज्यादा मिलता दिखाई दे रहा है। महंगे होने के बावजूद सप्लाई होने वाले करीब 25 फीसदी दोपहिया और करीब 10 फीसदी तिपहिया वाहनों में बैटरी या कंपोनेंट के जल्द खराब होने की शिकायतें आ रही हैं।

फैक्ट फाइल 
- 65 ईवी कार
- 4264  इलेक्ट्रिक वाहन। 
- 3750 से अधिक ई स्कूटर
- 341 ई रिक्शा
- 300 लोडिंग ई रिक्शा
- 50 लोडिंग वाहन

पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी से डिमांड बढ़ी
इलेक्ट्रिक वाहन विक्रेता अजय शर्मा ने बताया कि पेट्रोल और डीजल के दाम में बेलगाम बढोतरी के कारण ई बाइक, ई रिक्शा और ई स्कूटी की डिमांड बढ़ गई है। अभी ई दोपहिया वाहनों की 15 दिन की वेटिंग चल रही है। सार्वजनिक स्थानों पर बेटरी चार्जिंग की सुविधा शुरू होने के बाद शहर में ई बाइक की बिक्री में इजाफा होगा अभी 30 फीसदी का इजाफा हो चुका है। शहर में अब तक करीब 5 हजार 6 हजार से अधिक दो पहिया व तीन पहिया व चौपहिया वाहन सड़को पर दौड़ रहे है। पेट्रोल डीजल के दाम में बढोतरी के बाद से इलेक्ट्रिक व्हीकल का चलन बढ़ रहा है। यही वजह है कि अब जीवाश्म र्इंधन से चलने वाली कारें बनाने वाली कंपनिया ईवी बनाने लगी है। दो पहिया वाहन मैन्युफैक्चर 60 फीसदी का इजाफा हुआ है। 

नवज्योति लगातार उठाता रहा है ई -बसों की मांग
कोटा सार्वजनिक परिवहन और यातायात को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए मोदी केबिनेट ने बुधवार को पीएम ई बस योजना को मंजूरी प्रदान की है। इस योजना के तहत देश के 169 में से प्रथम चरण में 100 शहरों में लगभग 10 हजार नई इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इस योजना से देश में पारंपरिक कौशल वाले लोगों को समर्थन मिलेगा। ई- बस चलाने की जरूरत  को लेकर दैनिक नवज्योति पिछले दो वर्ष से इस मामले को लगातार उठाता रहा है। दैनिक नवज्योति ने वर्ष 2022 में 18 मई को विशेष समाचार प्रकाशित कर ई बसों को चालू करने से जनता को होने वाले फायदे बताए थे। इसी प्रकार दैनिक नवज्योति ने 6 अप्रेल 2023 को लगातार तीन दिन तक 7 अप्रेल, 9 अप्रेल को  ई बसों की जरूरत, फायदे, क्या परेशानी है। लोगों के सामने अपॉर्चयुनिटी क्या-क्या हैं। सभा संभावनों को तलाशते हुए विशेष समाचार प्रकाशित किए थे। ई बसें यदि कोटा शहर में भी चलती हैं तो इससे काफी फायदा होगा। यहां के शिल्पकार,  मूर्तिकार, कुम्हार, सुनार, औजार बनाने वाले, आटोमोबाइल में काम करने वाले कामगारों को नया रोजगार मिलेगा। इसके साथ कोटा घरेलू बाजार के साथ वैश्विक बाजार से भी जुडने की संभावनाएं बनेंगी।  

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ई-व्हीकल छह साल से सड़कों पर, फिर भी चार्जिंग सुविधा नहीं 
ईवी यूजर कुन्हाडी निवासी उमेश व्यास ने बताया कि तिपहिया ई-व्हीकल तो शहर में करीब 6 साल से सड़कों पर दौड़ रहे हैं। लेकिन अभी तक शहर में पेट्रोल पंप जैसे ईवी चार्जिंग पाइंट नहीं बने जिससे वाहनधारियों को लंबी दूरी का सफर सोच समझ कर तय करना होता है। शहर में बैटरी स्वेपिंग सेंटर बन जाए तो लोगों बेहतर सुविधा मिलेगी। कई दोपहिया वाहनों की बैटरी कमजोर पाई जा रही है, इनमें लीड एसिड बैटरी के तीन साल और लीथियम आयन बैटरी के 5 साल तक चलने का दावा किया जाता है, लो स्पीड वाले व्हीकल की गति 25 किमी प्रतिघंटा और माइलेज 40 से 50 किमी के आसपास बताया जाता है। कुछ वाहन 60 तक का माइलेज देते हैं। ऐसे में लंबी दूरी जाने के लिए वाहनधारी को सोचना पड़ता है। बिना चार्जिंग के गाड़ी लेकर चले गए रास्ते में बेटरी खत्म हो गई तो उसे चार्जिंग करने के लिए कोई पाइंट नहीं है। 

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मरम्मत के लिए नहीं है जगह जगह मिस्त्री 
ईवी विक्रेता रामचंद्र ने बताया कि शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी बढ़ रही है लेकिन सबसे बड़ी बाधा यहां ग्राहको ये आ रही है कि एक तो वाहनों की मरम्मत के लिए अभी मिस्त्री नहीं है। कंपनी में इसकी मरम्मत और बेटरी का काम होता है। दूसरी बड़ी समस्या ये है कि इसके चार्जिंग पाइंट नहीं है। मध्यप्रदेश, दिल्ली, नागपुर, महाराष्टÑ में ईवी वाहनों के लिए पेट्रोल पंप के जैसे हर 10 किमी पर चार्जिंग पाइंट है। जिससे इन प्रदेशों में इनकी बिक्री बढ़ी है। कोटा में सार्वजनिक रूप से ईवी चार्जिंग पाइंट नहीं है। शहर में चार पांच स्थानों पर ईवी को चार्ज किया जाता है। वो पाइंट या तो होटल, पार्किंग एरिया या सर्विस सेंटर है या फिर ईवी विक्रेता का शो रूम जहां ये सुविधा आॅन रिकवेस्ट मिल रही है। कोटा में यदि जगह-जगह सस्ते चार्जिंग स्टेशन बनाए जाते तो ई-व्हीकल उपयोगकतार्ओं को सुविधा मिल सकती और यह पर्यावरण के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। 

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शहर में चल रहे अनाधिकृत रूप से चार्जिंग सेंटर
ई रिक्शा चालक असलम अंसारी ने बताया कि शहर में ई रिक्शा की लगातार बढोतरी हो रही है। घर से सुबह ई रिक्शा चार्ज करके लाते है तो दिन में तीन चार ट्रीप तक तो कोई परेशानी नहीं होती है लेकिन बाद चार्जिंग के लिए  पाइंट ढूंढना पड़ता है। बार बार घर जाकर तो चार्ज नहीं कर सकते है। शहर में छावनी, सिटी मॉल के सामाने की होटल की पार्किंग में,एरोड्रम चौराहा, थेगडा रोड स्थित एक  रिसोर्ट, गढ पैलेस के पास चार्जिंग पाइंट है लेकिन ये सभी अनाधिकृत है यहां 21 रुपए से 25 रुपए यूनिट तक लेते है। एक बार चार्ज करने के लिए पांच से छह यूनिट खर्च आता है। 

इलेक्ट्रिकल वाहनों का यह है फायदा
ई-रिक्शा डीलर अब्बास अली ने बताया कि शहर में दो साल से लेक्ट्रिकल वाहनों की डिमांड बढ़ गई है। सबसे ज्यादा ई-रिक्शा, स्कूटी, बाइक की मांग ज्यादा है। इसमें महंगे पेट्रोल से तो निजात मिलती ही है साथ ही वायु और ध्वनी प्रदूषण नहीं फैलाती है। कंपनी को तरसे शोरूम पर फ्री चार्जिंग की सुविधा है। घर पर चार्जिंग स्टेशन लगा सकते हैं। 10 घंटे में फुल चार्ज में बाइक व स्कूली वाहन 60 से 70 किमी व ईवी कार  220 से 250 किमी चलते हैं। कोटा के बाहर ले जाना संभव नहीं है। कारण की अभी रोड पर जगह जगह चार्जिंग स्टेशन नहीं लगे हुए है। ईवी कार की कीमत बहुत अधिक है। इसके अलवा कोटा में अभी कार चार्जिंग के पॉइंट नहीं है।

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