सरकारी विभागों पर बकाया है 135 करोड़ रुपए बिजली बिल
कोटा संभाग में जेवीवीएनएल के बिजली बिलों का 245 करोड़ रुपए बकाया
बिजली विभाग ने बकाया के चलते बूंदी मेडिकल कॉलेज और हॉस्टल का बीते दिनों कनेक्शन काट दिया था।
कोटा। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब मात्र तीन दिन शेष है। ऐसे में हर विभाग द्वारा उनके बकाया लक्ष्यों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। नगर निगम से लेकर परिवहन विभाग तक और बिजली विभाग से लेकर राजस्व से संबंधित अन्य विभागों में इस दिशा में तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। हालत यह है कि कोटा संभाग में जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) के बिजली बिलों के भी करोड़ रुपए बकाया है।जानकारी के अनुसार कोटा संभाग में जेवीवीएनएल के बिजली बिलों का 245 करोड़ रुपए बकाया है। जिनमें से 135 करोड़ रुपए सरकारी विभागों पर है। अकेले नगरीय निकाय विभागों पर 80 करोड़ से ज्यादा की बिजली बिलों की राशि बकाया है।
संभागीय मुख्य अभियंता गजेंद्र सिंह बैरवा ने बताया कि उनके 5.85 लाख उपभोक्ता हैं। जिन पर करीब 245.61 करोड़ रुपए बिजली के बिल का बकाया है। इनमें से करीब आधे से ज्यादा 135.60 करोड़ रुपए सरकारी विभागों का है। जिसकी वसूली का प्रयास किया जा रहा है। कई विभाग आकस्मिक सेवा के है, इसलिए सप्लाई को रोक नहीं सकते हैं. इसके बावजूद भी वसूली अभियान चलाया हुआ है। सभी अधिशाषी और सहायक अभियंताओं को रिकवरी के लिए निर्देशित किया गया है.
नगरीय निकायों पर 80.61 करोड़ बकाया
बैरवा के अनुसार सरकारी विभागों में भी नगरीय निकायों पर 80.61 करोड़ रुपए की राशि बकाया है। इसमें रोड लाइटों के साथ-साथ सरकारी पार्क और सार्वजनिक स्थानों पर लगी लाइट शामिल है। बारां, बूंदी, झालावाड़ नगर परिषद के साथ कोटा नगर निगम व संभाग की सभी नगर पालिकाएं भी शामिल हैं। बिजली विभाग ने बकाया के चलते बूंदी मेडिकल कॉलेज और हॉस्टल का बीते दिनों कनेक्शन काट दिया था।
केंद्र सरकार के कार्यालयों पर 39 करोड़ बकाया
संभाग में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा बकाया जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का है। जलदाय विभाग का करीब 33 करोड़ रुपए बिजली का बिल बकाया है। केन्द्र सरकार के कार्यालयों पर भी करीब 39 करोड़ रुपए बकाया है। जिनमें रेलवे, पोस्ट ऑफिस, इनकम टैक्स, एफ सीआई और अन्य विभाग शामिल हैं.
इनके भी हैं बिल बकाया
कोटा संभाग के चारों जिलों में 80 से ज्यादा पुलिस थाने हैं. इनके अलावा उच्च अधिकारियों के ऑफिस भी है। जिन पर करीब 6 करोड़ रुपए के बिजली बिल बकाया हैं।
संभागीय मुख्य अभियंता बैरवा का कहना है कि अधिकतर विभागों से मार्च में ही भुगतान आता है। कुछ विभागों ने पैसा जमा कराया भी है और शेष विभागों के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है।

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