संशोधित PKC-ERCP परियोजना में भूमि अवाप्ति तेज, 5 तहसीलों के 28 गांव प्रभावित
फीडर तथा गलवा से ईसरदा बांध तक फीडर निर्माण शामिल
संशोधित PKC-ERCP परियोजना से जुड़ी बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई। परियोजना के तहत गलवा पंप हाउस से लेकर बीसलपुर फीडर तक भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया शुरू। इसके लिए संबंधित भूमि अवाप्ति अधिकारियों को तय भूमि अधिग्रहण के निर्देश जारी।
जयपुर। संशोधित PKC-ERCP परियोजना से जुड़ी बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। परियोजना के तहत गलवा पंप हाउस से लेकर बीसलपुर फीडर तक भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए संबंधित भूमि अवाप्ति अधिकारियों को तय भूमि अधिग्रहण के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार RD 0 से 9.6 किलोमीटर तथा RD 40.6 से 70.8 किलोमीटर तक के हिस्से में भूमि अवाप्ति की जाएगी। इस प्रक्रिया में 5 तहसीलों के 28 गांवों की करीब 423.7009 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। परियोजना में छूटे हुए खसरों और एलाइनमेंट में बदलाव के चलते यह नई भूमि अवाप्ति की जा रही है।
इसके अंतर्गत मेज पंप हाउस, मेज से गलवा बांध तक फीडर निर्माण, गलवा पंप हाउस से गलवा बांध होते हुए बीसलपुर बांध तक फीडर तथा गलवा से ईसरदा बांध तक फीडर निर्माण शामिल हैं। भूमि अवाप्ति का दायरा नैनवां, दूनी और देवली तहसीलों तक फैला हुआ है। प्रभावित गांवों में गंभीरा, चांदसिंहपुरा, दूनी, बालापुरा, नवारिया, देवरी, उदयपुरिया, कमलिया, जरखोदा, बटावती सहित कई अन्य गांव शामिल हैं। बूंदी और टोंक जिलों में लगभग 90 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित हितधारक 60 दिनों के भीतर अपनी लिखित आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। इसके लिए भूमि अवाप्ति अधिकारी लाखेरी, नैनवां तथा बीसलपुर परियोजना कार्यालय में आपत्ति प्रस्तुत करने की व्यवस्था की गई है।

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