असर खबर का - नहर की सुरक्षा दीवारों की मरम्मत का कार्य शुरू
मुख्य नहर की दीवार से वाहन चालकों के लिए हो गया था बड़ा खतरा
दैनिक नवज्योति द्वारा इस गंभीर लापरवाही के मुद्दे को प्रमुखता से तीन बार प्रकाशित करने के बाद विभाग की नींद टूटी।
कोटा। नान्ता क्षेत्र में चम्बल की बायीं मुख्य नहर (छटउ) की टूटी सुरक्षा दीवार, जो पिछले 20 दिनों से राहगीरों के लिए 'मौत का मुहाना' बनी हुई थी, आखिरकार शनिवार से सुधारी जाने लगी है। दैनिक नवज्योति द्वारा इस गंभीर लापरवाही के मुद्दे को प्रमुखता से तीन बार प्रकाशित करने के बाद विभाग की नींद टूटी। शनिवार सुबह मौके पर ग्राउटिंग का काम शुरू होने से अब इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों राहगीरों ने राहत की सांस ली है।
सीएड़ी प्रशासन ने सड़क बन्द करवाई
सीएड़ी प्रशासन द्वारा सड़क को बँद करवा दिया गया है। नान्ता पुलिया से सगस जी मन्दिर तक का रास्ता पुरी तरह बेरिकेट्स लगाकर बन्द कर दिया है। जिस जगह ज्यादा सड़क नहर की दिवार गिरी है वहां पहले भी दीवार गिर चुकी थी जिसके बाद आरयूआईडीपी द्वारा उपर से ही नयी दीवार बनाने के कारण इस जगह सड़क सकड़ी हो गयी थी ऐसे में अब नीचे से दीवार बनवायी गयी हे जिससे यहां सड़क की चौड़ाई पहले जैसी हो जायेगी।
हजारों भारी वाहनों का मार्ग
यह रास्ता नान्ता सुखाड़िया, बुन्दी की और जाने के लिये सीधा और सुगम है। इस बीच यहां का रास्ता लगातार प्रयोग होता रहा, यहां से नगर निगम, क्रेशर के ट्रेक्टर ट्रालियां सहित भारी ट्रेलर तक लगातार गुजरते रहते है। गनीमत रही की कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुयी। राहगीर और स्थानीय लोग प्रशासन की इस अनदेखी यही प्रश्न कर रहे थे कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था। शनिवार सुबह से शुरू हुए ग्राउटिंग के काम के बाद अब सड़क के इस धंसे हुए हिस्से के धंसने का खतरा कम होगा।
नवज्योति ने उठाई आवाज, तब हरकत में आया तंत्र
करीब तीन सप्ताह पहले सोमवार की रात को नहर की दीवार ढह गई थी, जिससे सड़क का हिस्सा पूरी तरह जानलेवा हो गया था। स्थानीय लोगों ने पुलिस और सीएडी अधिकारियों को तुरंत सूचना दी, लेकिन 20 दिनों तक आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। दैनिक नवज्योति ने नहर की सुरक्षा दीवार देर रात टूटी, उसके बाद 11 मार्च को जिन्दगी की सुरक्षा झाड़ टीन से व तीसरी बार 14 मार्च को यह तो सरासर लापरवाही है शीर्षक से सुरक्षा के मुद्दे को प्रकाशित कर प्रशासन की संवेदनहीनता और झाड़ियों-कांटों के सहारे की जा रही 'अस्थाई सुरक्षा' की पोल खोली। खबर का असर यह हुआ कि विभाग को अंततः काम शुरू करना पड़ा।
दैनिक नवज्योति ने जिस तरह इस मुद्दे को बार-बार उठाया, उसी का परिणाम है कि आज यहाँ काम शुरू हुआ है। वरना अधिकारी तो इसे मिट्टी के कट्टों के और झाड़ के भरोसे ही छोड़ चुके थे।
- नितिन नान्ता, अध्यक्ष ट्रेचिंग ग्राउण्ड़ हटाओं संघर्ष समिति
दीवार नीचे से ही उठाई गई है। काम में समय लगेगा। अभी नहर बंद है जितना हो सकें मरम्मत का काम पूरा किया जाएगा। पहले अन्य विभागों से कहा गया था लेकिन अब काम सीएड़ी ही करवा रहा है।
- अरविंद कुमार, अधिशाषी अभियंता, CAD कोटा

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