फ्रांस में 'हीट डोम' का कहर : भीषण गर्मी से 7 लोगों की मौत, सरकार ने बुलाई आपातकालीन बैठक

फ्रांस में टूटा गर्मी का रिकॉर्ड

फ्रांस में 'हीट डोम' का कहर : भीषण गर्मी से 7 लोगों की मौत, सरकार ने बुलाई आपातकालीन बैठक
फ्रांस में मई महीने की ऐतिहासिक गर्मी और अति भीषण लू (Heatwave) के कारण सात लोगों की मौत हो गई है। मौसम एजेंसी मेटियो-फ्रांस के अनुसार, 'हीट डोम' की स्थिति से तापमान 36°C तक पहुंच गया है। पेरिस मैराथन और फ्रेंच ओपन पर भी इसका असर दिखा है, जिसके बाद पीएम सेबेस्टियन लेकोर्नू ने आपातकालीन समीक्षा बैठक बुलाई है।

पेरिस। फ्रांस में भीषण गर्मी के कारण सात लोगों की मौत के मामले सामने आये हैं और बढ़ते तापमान को देखते हुए दक्षिण-पश्चिम फ्रांस के समुद्र तटों पर सामान्य से अधिक भीड़ उमड़ने लगी है। इसी बीच, सरकार ने सप्ताह के अंत तक जारी रहने की आशंका वाली गर्मी से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। मौसम एजेंसी मेटियो-फ्रांस ने कहा कि सोमवार का दिन फ्रांस में मई माह का अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। एजेंसी के अनुसार सप्ताह के दौरान कुछ क्षेत्रों में तापमान 33 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।

फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने गुरुवार को प्रमुख मंत्रियों की बैठक बुलाई है जिसमें लू से निपटने के लिए सरकार की तैयारियों की समीक्षा की जायेगी। इसे वर्ष के शुरुआती चरण में असामान्य रूप से तेज गर्मी से जुड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर बढ़ती चिंता के रूप में देखा जा रहा है। पेरिस में सप्ताहांत के दौरान तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो गया। शनिवार को वर्ष 2026 में पहली बार तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पेरिस में रविवार को आयोजित 10 किलोमीटर दौड़ के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गयी। नागरिक सुरक्षा सेवाओं ने इसकी पुष्टि की है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार राजधानी के दक्षिण-पूर्वी उपनगर मैजों-अलफोर्ट में आयोजित एक अन्य दौड़ के दौरान 10 धावकों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।

फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट में भी गर्मी का असर देखने को मिला, जहां सोमवार को रोलां-गैरो में दर्शकों और खिलाड़ियों को सामान्य से कहीं अधिक तापमान का सामना करना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह असामान्य गर्मी "हीट डोम" नामक स्थिति के कारण उत्पन्न हुई है। इसके तहत उत्तरी अफ्रीका से आयी गर्म हवा पश्चिमी यूरोप के ऊपर बने उच्च दबाव क्षेत्र के नीचे फंस गयी है। पूर्वानुमान कर्ताओं का कहना है कि इस कारण तापमान मई के सामान्य स्तर से काफी ऊपर पहुंच गया है और यूरोप के बड़े हिस्से में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया जा रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि मानव जनित जलवायु परिवर्तन इन चरम परिस्थितियों को और अधिक तीव्र बना रहा है, जिससे हीटवेव अधिक बार, अधिक लंबी और अधिक गंभीर होती जा रही हैं। यूरोप वैश्विक औसत की तुलना में तेजी से गर्म हो रहा है, जिसके चलते सरकारों पर स्कूलों, अस्पतालों, परिवहन नेटवर्क और आवासीय व्यवस्थाओं को बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप ढालने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

बसपा का परिवारवाद को लेकर बड़ा फैसला : आनंद कुमार के बेटों को पार्टी में कोई पद नहीं, मायावती ने कहा- युवाओं को तरजीह देने की नीति पर काम कर रही पार्टी बसपा का परिवारवाद को लेकर बड़ा फैसला : आनंद कुमार के बेटों को पार्टी में कोई पद नहीं, मायावती ने कहा- युवाओं को तरजीह देने की नीति पर काम कर रही पार्टी
मायावती ने परिवारवाद पर बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि भाई आनंद कुमार के किसी बेटे को पार्टी में कोई...
गणेश चतुर्थी की तैयारियां अंतिम चरण में : मंदिरों में सजावट का काम तेज, श्रद्धालुओं के लिए किए जा रहे आवश्यक इंतजाम
कैनवास पर उभरी कल्पना की उड़ान, ज्योति स्वरूप की कृतियां बनीं आरआईसी की शान
ब्रिक्स में बोले मोदी : सुरक्षा परिषद सहित वैश्विक संस्थाओं में हो सुधार, वैश्विक संगठनों में निर्णय की प्रक्रिया पिरामिड की तरह
नगर निगम के वार्ड 62 के भाग संख्या 23 में होगा पुनर्मतदान, निर्वाचन आयोग ने दिए निर्देश
चीन के खिलाफ अमेरिका के पास हैं एआई के लिए सुरक्षा उपाय : तकनीकी प्रतिस्पर्धा में हम आगे, ट्रंप ने कहा- जिनपिंग का इस तकनीक पर सबसे बड़ा नियंत्रण
राजस्थान युवा कांग्रेस चुनाव : 13.66 लाख सदस्य आवेदन स्वीकृत, 5.13 लाख आवेदन होल्ड पर