असर खबर का : मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के दो वन रक्षकों को मिली चार्जशीट
कोलीपुरा रेंज के जंगलों से वन अपराध में पकड़ा वाहन को पैसे लेकर छोड़ने का मामला
कोटा। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से अवैध रूप से वन उपज से भरे वाहन को पैसे लेकर छोड़ने के मामले में दो वन रक्षकों पर गाज गिरी है। कोलीपुरा रेंज के वन रक्षक गोविंद मेरोठा व रामावतार गुर्जर के खिलाफ चार्जशीट देने की कार्रवाई की गई है। दैनिक नवज्योति ने 25 मई को टाइगर रिजर्व से वन अपराध में पकड़ी गाड़ी, पैसे लेकर छोड़ी...शीर्षक से खबर प्रकाशित कर वन अपराध में कर्मचारियों की संलिप्ता उजागर की थी। इसके बाद डीएफओ मुथुएस ने जांच के आदेश जारी कर वन रक्षक गोविंद मेरोठा को सरस्पेंड कर दिया था। ढाई माह चली जांच के बाद अगस्त में दोनों वनरक्षकों को चार्जशीट दी गई।
एकतरफा कार्रवाई से मंशा पर उठे सवाल
मामले में दोनों वनरक्षकों को चार्जशीट देने से पहले एक ही वन रक्षक को सस्पेंड करने की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई। हुआ यूं, घटना के समय वन रक्षक गोविंद व रामावतार दोनों ही मौके पर मौजूद थे। परिवादी हेमराज गुर्जर ने दोनों वनरक्षकों पर पैसे लेकर बिना रसीद दिए वन उपज से भरे वाहन को छोड़ने की लिखित शिकायत दी थी। इस पर मामला उजागर होने के बाद डीएफओ ने वनरक्षक गोविंद मेरोठा को सस्पेंड कर दिया था। जिसके सस्पेंशन आॅर्डर में बताया गया कि वन रक्षक मेराठा को प्रकरण दर्ज करने व कम्पाउंड करने का अधिकार नहीं था। इसके बावजूद अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कॉर्मिशियल वाहन को बहुत कम राशि में कम्पाउंड कर दिया गया। जबकि, एफआईआर काटने और कम्पाउंड करने वाला वन रक्षक रामावतार गुर्जर था। जिसका सबूत सूचना का अधिकार में मांगी गई एफआईआर की कॉपी से हुआ। जिसमें रामावतार के हस्ताक्षर हो रहे हैं। इससे मुकुंदरा प्रशासन की अपने ही स्टाफ पर पक्षपातपूर्व कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई।
यह है मामला
बोराबास क्षेत्र स्थित भैरुपुरा गांव से 19 मई की रात 2 बजे बिल्व पत्र के छिलके से भरी मेटाडोर चित्तौड़ नीमच मंडी जा रही थी। जिसे कोलीपुरा रेंज के वनकर्मियों ने बालाजी हनुमान मंदिर के पास रोका था और 28 हजार रुपए लेकर बिना रसीद दिए वाहन छोड़ दिया। पीड़ित परिवादी सांवता गुर्जर व हेमराज ने अगले दिन कोलीपुरा व बोराबास क्षेत्रीय वन अधिकारी कार्यालय में घटना की लिखित शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पैसे देने के बाद भी वनकर्मचारी गोविंद व रामावतार ने हमें रसीद देने से इंकार कर दिया।
मुख्य अभियुक्त को छोड़ सह अभियुक्त को सस्पेंड करना मुकुंदरा प्रशासन की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई को दर्शाता है। मुकुंदरा उप वन संरक्षक द्वारा अपने ही स्टाफ के प्रति इस तरह की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करेंगे तो इसका असर भविष्य में टाइगर मॉनिटरिंग पर पड़ेगा। क्योंकि, मॉनिटरिंग फिल्ड स्टाफ करता है। सस्पेंड दोनों को ही किया जाना चाहिए था।
-तपेश्वर सिंह भाटी, एडवोकेट एवं वन्यजीव प्रेमी
तत्कालीन एसीएफ की जांच रिपोर्ट आने के बाद दोनों वन रक्षकों को चार्जशीट दे दी है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
-मूथूएस डीएफओ मुकुंदरा टाइगर रिजर्व

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