कहीं डिस्पेंसरी नहीं, तो कहीं पार्क और सामुदायिक भवन का इंतजार

लोगों ने कहा- समस्या सुनने वाला कोई नहीं

कहीं डिस्पेंसरी नहीं, तो कहीं पार्क और सामुदायिक भवन का इंतजार
न्यू क्लॉथ मार्केट में जाम, मोहन टॉकीज रोड बदहाल, साबरमती हरिजन बस्ती में सफाई व्यवस्था पर सवाल ।

कोटा । शहर के वार्ड नंबर 77 से 82 तक की छह वार्डों की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान आमजन की समस्याएं एक बार फिर खुलकर सामने आईं। रिपोर्टिंग के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों से बातचीत की गई तो कहीं जाम, कहीं क्षतिग्रस्त सड़कें, तो कहीं साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था प्रमुख समस्या के रूप में सामने आई। कई इलाकों में लोगों ने डिस्पेंसरी, पार्क और सामुदायिक भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव की भी शिकायत की।

बाजार में जाम, टूटी सड़कें
वार्ड क्षेत्रों में सबसे बड़ी समस्या यातायात और सड़कों की स्थिति को लेकर दिखाई दी। न्यू क्लॉथ मार्केट जैसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र में दिनभर वाहनों का दबाव बना रहता है। यहां बाजार में आने वाले लोगों और व्यापारियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। संकरी सड़कों और अव्यवस्थित यातायात के कारण कई बार हालात ऐसे हो जाते हैं कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। लोगों का कहना है कि बढ़ते यातायात के बावजूद यहां स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे।

वहीं मोहन टॉकीज रोड की क्षतिग्रस्त सड़क भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होती है, जबकि बारिश के दिनों में समस्या और अधिक बढ़ जाती है।साबरमती हरिजन बस्ती में साफ-सफाई की स्थिति को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से कई जगह गंदगी जमा रहती है। नालियों और आसपास के क्षेत्रों की उचित सफाई नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के लिए नियमित निगरानी और सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।

बुनियादी सुविधाओं का अभाव
इन छह वार्डों में कई ऐसे क्षेत्र भी सामने आए, जहां आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। कहीं लोगों को उपचार के लिए आसपास डिस्पेंसरी की सुविधा नहीं मिलती तो कहीं बच्चों और बुजुर्गों के लिए पार्क नहीं है। कई क्षेत्रों में सामुदायिक भवन की कमी भी लोगों को महसूस होती है। सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों के लिए लोगों को दूसरे क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है। स्थानीय लोगों की नाराजगी जनप्रतिनिधियों को लेकर भी सामने आई। लोगों ने बेबाकी से कहा कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि घर-घर पहुंचकर समस्याएं सुनते हैं और विकास के कई वादे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद आमजन की समस्याओं को भूल जाते हैं।

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पूर्व पार्षद सुमन पेशवानी
वार्ड में कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई। क्षेत्र के विकास और सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता देते हुए पार्कों का जीर्णोद्धार कराया गया। उन्होंने कहा कि वार्डवासियों को जब भी कोई समस्या आती है, उसका समय-समय पर समाधान कराने का प्रयास किया जाता है। जनसुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार क्षेत्र की समस्याओं पर नजर रखी गई।

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पूर्व पार्षद आरती शाक्यवाल
वार्ड में पानी की समस्या प्रमुख थी। इसे गंभीरता से लेते हुए पूरे वार्ड में नई पाइपलाइन डलवाकर लोगों को राहत दिलाई गई। क्षेत्र में सामुदायिक भवन के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है, लेकिन अन्य सुविधाओं के विस्तार के प्रयास किए गए। साथ ही पार्कों का जीर्णोद्धार कर उन्हें बेहतर स्वरूप देने का काम भी कराया गया।

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पूर्व पार्षद राजीव अग्रवाल
वार्ड में सड़क, रोड लाइट, नालियों, सफाई और पेयजल जैसी कई समस्याएं थीं, जिनका प्राथमिकता से समाधान कराया गया। हाउसिंग बोर्ड की करीब 50 वर्ष पुरानी कॉलोनी में पहली बार नालियों का निर्माण मेरे द्वारा कराया गया। इसके अलावा वार्डवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पट्टे एवं अन्य आवश्यक विकास कार्य भी करवाए गए।

वार्डवासी प्रिंस नागवानी
जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्षद को अपने क्षेत्र के लोगों के साथ व्यवहार कुशल और सहज होना चाहिए। उनका आरोप है कि पार्षद न तो नियमित रूप से वार्ड में दिखाई देते हैं और न ही लोगों के घर जाकर उनकी समस्याएं जानने का प्रयास करते हैं। चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधियों का आमजन से दूर हो जाना वार्डवासियों के लिए बड़ी परेशानी बनता है।

वार्डवासी ओम प्रकाश
क्षेत्र में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है और जनप्रतिनिधि भी लोगों की समस्याएं जानने के लिए वार्ड में नहीं आते। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आने पर जनप्रतिनिधि जरूर जनता के बीच पहुंचते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद पांच वर्षों तक क्षेत्र की सुध लेने वाले नजर नहीं आते। इससे वार्डवासियों में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी बनी हुई है।

वार्ड नंबर व क्षेत्र
वार्ड नंबर 77 में बीबी जोहरा मस्जिद, जैन मंदिर, चंद्रघटा, बड़ का चौक, शीतला माता मंदिर, भूत गली, पुरानी सब्जी मंडी, हजीरा कब्रिस्तान, गीता भवन, न्यू क्लॉथ मार्केट, फायर ऑफिस, सिंधी मार्केट, मछली मार्केट, इंस्पेक्टर स्कूल, इंदिरा मार्केट, घंटाघर तिराहा, मोहन टॉकीज रोड, बागर हाउस, कोलीपाड़ा, पायगा स्कूल, बांस-बल्लियों का मार्केट, खारवाल मंदिर, टिप्पन की चौकी, बंबुलिया चौक और लुहारों का मंदिर सहित आसपास का क्षेत्र शामिल है।

वार्ड नंबर 78 में महिला थाना, श्रीपुर गर्ल्स स्कूल, कृष्णा दूध डेयरी, बबरा पाड़ा, राम तलाई, कच्ची बस्ती, झूलेलाल मंदिर, तिकोना पार्क, सूरजपोल गेट, साबरमती हरिजन बस्ती, छोटा गाड़ीखाना का आधा भाग, पशु प्रशिक्षण केंद्र और बेसिक मॉडल स्कूल का क्षेत्र शामिल है।

वार्ड नंबर 79 के अंतर्गत बिरला मेडिकल, राष्ट्रदूत कार्यालय, भीम छात्रावास, साबरमती हरिजन कॉलोनी का आधा भाग, बड़ा गाड़ीखाना, न्यू मेडिकल स्कूल, पानी की टंकी, मोखापाड़ा, हाउसिंग बोर्ड और साबरमती कॉलोनी का क्षेत्र शामिल है।

वार्ड नंबर 80 में गुमानपुरा न्यू कॉलोनी, गुमानपुरा चौपाटी, शॉपिंग सेंटर, मोटर मार्केट, मल्टीपरपज स्कूल, टीचर कॉलोनी, गुमानपुरा सिंधी स्कूल, संपूर्ण सिंधी कॉलोनी और आरपीएस कॉलोनी का क्षेत्र शामिल है।

वार्ड नंबर 81 में संपूर्ण बल्लभनगर, बल्लभनगर एक्सटेंशन, संपूर्ण अशोका कॉलोनी, भाटिया स्कूल वाली लाइन, सोफिया स्कूल, सेंट पॉल स्कूल, सरकारी स्कूल, बंजारा कॉलोनी, एयरपोर्ट परिसर और घोड़ा बस्ती सहित आसपास का क्षेत्र शामिल है।

वार्ड नंबर 82 में अंबेडकर भवन, प्रगति मैदान, पशु मेला परिसर, पुलिस कंट्रोल रूम, बकरा मंडी, फंटा मंडी और संपूर्ण साजिदेहड़ा क्षेत्र शामिल है।

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