किंग ऑफ कोटा और 0032 गैंग के दो बदमाश साथियों के साथ गिरफ्तार : दो पिस्टल, चाकू, दो जिंदा कारतूस बरामद, कार जब्त
पूर्व में कई थानों मेंं दर्ज हैं अनेक प्रकरण
क्षेत्र में फायरिंग कर दहशत फैलाने और सोशल मीडिया पर स्वयं को किंग ऑफ कोटा एवं 0032 गैंग का सदस्य बताने वाले दो बदमाशों को साथियों के साथ कोटा ग्रामीण पुलिस ने हथियारों सहित गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी कैथून थाना एवं जिला बारां के फायरिंग प्रकरणों में लंबे समय से फरार चल रहे थे।
खेड़ारामपुर/ कैथून। क्षेत्र में फायरिंग कर दहशत फैलाने और सोशल मीडिया पर स्वयं को किंग ऑफ कोटा एवं 0032 गैंग का सदस्य बताने वाले दो बदमाशों को साथियों के साथ कोटा ग्रामीण पुलिस ने हथियारों सहित गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी कैथून थाना एवं जिला बारां के फायरिंग प्रकरणों में लंबे समय से फरार चल रहे थे। कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि 8 जनवरी को थाना कैथून एवं जिला बारां क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटनाओं में वांछित समीर उर्फ गंजा पुत्र मोहम्मद खालिक हुसैन, निवासी बड़ौद थाना बूढ़ादीत हाल सुभाष नगर सकतपुरा थाना कुन्हाड़ी तथा आफाक हुसैन उर्फ आशिक हुसैन पुत्र अब्दुल कुद्दूस निवासी इकबाल चौक सकतपुरा थाना कुन्हाड़ी को साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया है।
गत 8 जनवरी को पीड़ितअब्दुल कादिर निवासी दरबार का बाग कैथून ने रिपोर्ट दी थी कि उसकी शिवाजी नगर स्थित आवासीय कॉलोनी में तीन बदमाश बाइक पर आए और जान से मारने की नीयत से उसके पुत्र यामीन हुसैन पर दो राउंड फायर किए। सौभाग्य से गोलियां निशाने से चूक गई और आरोपी मौके से फरार हो गए। इससे पूर्व भी 10 दिसंबर को आरोपियों ने फरियादी के घर पर हमला कर तोड़फोड़ की थी। उन्होंने बताया जानकारी मिली कि आरोपी शेरगढ़ किला क्षेत्र, जिला बारां में झाड़ियों में छिपे हैं। सूचना पर कैथून थाना पुलिस, बपावरकलां थाना पुलिस एवं जिला स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान भागने के प्रयास में आरोपी झाड़ियों में गिरकर घायल हो गए।
पूर्व में कई थानों मेंं दर्ज हैं अनेक प्रकरण
पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से दो पिस्टल, एक चाकू, दो जिंदा कारतूस एवं एक कार जब्त की है। पूछताछ में सामने आया कि फायरिंग की घटना के पीछे शकील मेवाती निवासी कनवास हाल भीमपुरा कैथून का हाथ है, जिसने फरियादी को जान से मारने की सुपारी तीन लाख रुपए में दी थी। जिसमें से 20 हजार रुपए अग्रिम दिए गए थे। मास्टरमाइंड शकील मेवाती की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध पूर्व में भी विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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