शिकंजा कसता रहा खनन विभाग, फिर भी नदियों में नहीं थमा रेत का खेल
कार्रवाई के बावजूद कालीसिंध, मैज और पार्वती में अवैध खनन के आरोप
कोटा। नदियों में रेत का अवैध दोहन हो या जमीन और वन क्षेत्र में ब्लास्टिंग कर पत्थर निकालने का खेल... खनन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन अवैध खनन पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पा रही है। विभाग की टीमें कार्रवाई कर रही हैं, वाहन और मशीनें जब्त हो रही हैं तथा लाखों-करोड़ों रुपए का राजस्व भी वसूला जा रहा है, इसके बावजूद जिले के कई इलाकों में अवैध खनन की शिकायतें सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार कालीसिंध नदी, मैज नदी की कराइयां, घोड़ा पछाड़ और पार्वती नदी क्षेत्र में अवैध रूप से रेत खनन किए जाने की शिकायतें हैं। वहीं नांता और अनंतपुरा क्षेत्र में जमीनों तथा वन विभाग की जमीनों पर ब्लास्टिंग कर पत्थर निकालने की बात भी सामने आ रही है। इसके बाद खनन विभाग की निगरानी और कार्रवाई पर सवाल भी उठ रहे हैं।
चार साल में 5.61 करोड़ से ज्यादा की वसूली
खनन विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले चार वर्षों में अवैध खनन, भंडारण और परिवहन के मामलों में विभाग ने 5 करोड़ 61 लाख 51 हजार रुपए का राजस्व वसूल किया है। इस दौरान बड़ी संख्या में वाहन और मशीनें भी जब्त की गईं। इनमें ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर समेत अन्य वाहन शामिल हैं। वर्ष 2023-24 में अवैध परिवहन के 179 मामले सामने आए। 31 भंडारण मामलों और कुल 217 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 191 वाहन व मशीनें जप्त किए गए और 161.2 लाख रुपए की वसूली हुई। वर्ष 2024-25 में 139
परिवहन के मामले पकड़े गए। 9 भंडारण मामलों समेत कुल 155 प्रकरण बनाए गए। 149 वाहन और मशीनें जब्त की गईं तथा 208.87 लाख रुपए का राजस्व वसूला गया। वर्ष 2025-26 में परिवहन के 164 मामले, भंडारण के 22 मामले समेत कुल 192 प्रकरण बनाए गए। 173 वाहन और मशीनें जब्त कर 150.41 लाख रुपए की वसूली की गई। वहीं 2026 में 31 जुलाई तक परिवहन के 80 मामले और भंडारण के 7 मामले सामने आए। कुल 90 प्रकरण बनाए गए और 80 वाहन-मशीनें जब्त करते हुए 41.03 लाख रुपए का राजस्व वसूला गया।
कार्रवाई लगातार जारी है
कोटा क्षेत्र में अवैध खनन कम होता है, फिर भी विभाग पूरी तरह सक्रिय है। अवैध खनन और परिवहन के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। वाहनों को जब्त करने के साथ राजस्व भी वसूला जा रहा है।
- आरएन मंडल, खनि अभियंता

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