50 हजार की रिश्वत लेते एसडीएम का रीडर एवं दलाल गिरफ्तार, एसीबी की कार्रवाई से नैनवां एसडीएम कार्यालय में हड़कम्प
एसडीएम की भूमिका संदिग्ध
अधिकारियों ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अर्न्तगत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया।
कोटा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो टोंक एवं भीलवाड़ा की टीम ने नैनवां में एसडीएम कार्यालय में ट्रैप की कार्रवाई की गई। टीम ने एसडीएम के रीडर एवं दलाल को 50 हजार की रिश्वत के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी की कार्रवाई से उपखण्ड कार्यालय में हड़कम्प मच गया। टीम दोनों आरोयिों सहित एसडीएम को नैनवां पुलिस थाने ले गई। जहां पूछताछ की गई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि एक परिवादी ने टोंक एसीबी कार्यालय में शिकायत देकर बताया कि नैनवां एसडीएम कार्यालय में उसके एक लम्बित वाद में स्टे आदेश को लेकर परेशान किया जा रहा था। उससे 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है।
टोंक एसीबी टीम ने शिकायत की पुष्टि के बाद ट्रैप की कार्रवाई की। एसीबी के कालुराम रावत उप महानिरीक्षक पुलिस अजमेर रेंज के सुपरविजन में टी.एल.ओ झाबरमल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भ्रष्टा चार निरोधक ब्यूरो टोंक के नेतृत्व में टीम ने नैनवां एसडीएम कार्यालय में दबिश दी। टीम ने एसडीएम कार्यालय में तैनात रविन्द्र कॉलोनी निवासी वरिष्ठ सहायक मारुति नागर एवं सह आरोपी वार्ड 4 नैनवां निवासी लक्ष्मीकांत को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ धर दबोचा। टीम दोनों को गिरफ्तार कर नैनवां थाने ले गई। इस दौरान एसडीएम को भी पूछताछ के लिए साथ ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अर्न्तगत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया।
एसडीएम की भूमिका संदिग्ध
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि प्रकरण में एसडीएम की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है।
टीम में यह रहे शामिल
एसीबी टोंक एंव भीलवाड़ा की संयुक्त कार्यवाही के दौरान डीएसपी पारसमल, आरिफखान एसआई टोंक, जलसिंह, राजकुमार, ईश्वर, गणेश सिंह कांस्टेबल एवं महिला कांस्टेबल नमिता शामिल थी।
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