ख्वाजा साहब के 814वें उर्स की छड़ियां लेकर आ रहे हैं दो हजार से ज्यादा कलंदर, 17 मई को चढ़ाया जाएगा झंडा

चांदरात होने से सुबह आस्ताना खुलने के साथ ही जन्नती दरवाजा खोल दिया जाएगा

ख्वाजा साहब के 814वें उर्स की छड़ियां लेकर आ रहे हैं दो हजार से ज्यादा कलंदर, 17 मई को चढ़ाया जाएगा झंडा
ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के उर्स के लिए छड़ियों का जुलूस मंगलवार को दिल्ली (महरौली) स्थित ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की दरगाह से शान-ओ-शौकत से रवाना हुआ। जिसमें दो हजार से अधिक कलंदर शामिल होकर ख्वाजा साहब की शान में नारे लगाते हुए अजमेर की ओर आगे बढ़े हैं। इस अवसर पर उक्त जुलूस को लेने पहुंचे ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती अजमेर की दरगाह के खादिमों की दस्तारबंदी की गई। ख्वाजा साहब के उर्स के लिए झंडा 17 मई को चढ़ाया जाएगा।

अजमेर। ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के उर्स के लिए छड़ियों का जुलूस मंगलवार को दिल्ली (महरौली) स्थित ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की दरगाह से शान-ओ-शौकत से रवाना हुआ। जिसमें दो हजार से अधिक कलंदर शामिल होकर ख्वाजा साहब की शान में नारे लगाते हुए अजमेर की ओर आगे बढ़े हैं। इस अवसर पर उक्त जुलूस को लेने पहुंचे ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती अजमेर की दरगाह के खादिमों की दस्तारबंदी की गई। ख्वाजा साहब के उर्स के लिए झंडा 17 मई को चढ़ाया जाएगा। कलंदरों के जुलूस में शामिल होने गए खादिम सैयद इमरान चिश्ती ने बताया कि देशभर के कलंदर ख्वाजा साहब के उर्स की छड़ी लेकर जुलूस के रूप में पैदल अजमेर रवाना हुए हैं। वहां से रवाना होने से पहले सामूहिक दुआ की गई। उन्होंने बताया कि ख्वाजा साहब की शान में नारे लगाते हुए कलंदरों का जुलूस चांदरात की सुबह अजमेर पहुंचेगा और इसी शाम सभी कलंदर गाजे-बाजे के साथ जुलूस के रूप में ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में छड़ी पेश करेंगे। चिश्ती ने बताया कि कलंदरों के जुलूस के साथ उनकी व्यवस्था संबंधी सामग्री लेकर अनेक वाहन साथ चल रहे हैं। अनेक जगह अकीदतमंद ने भी कलंदरों के लिए व्यवस्थाएं कर रखी हैं।

814वें उर्स का झंडा 17 को चढ़ेगा
ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 814वें उर्स के लिए दरगाह परिसर के बुलंद दरवाजे पर 15 दिसम्बर की शाम उर्स झंड़ा चढेगा। इसी दिन से उर्स की पांच तारीख तक दरगाह में दोपहर तीन बजे की खिदमत का समय बदल जाएगा। इस दौरान दोपहर की खिदमत शाम सात बजे होने लगेगी, लेकिन छठी के कुल के बाद पुन: सामान्य दिनों की तरह दोपहर तीन बजे खिदमत होने लगेगी। खादिम सैयद कुतबुद्दीन सखी ने बताया कि 17 मई को भीलवाड़ा का गौरी परिवार ख्वाजा साहब के 814 वें उर्स का झंडा बुलंद दरवाजा पर चढ़ाएगा। इसी दिन से ख्वाजा साहब की मजार की दोपहर तीन बजे होने वाली खिदमत शाम सात बजे हुआ करेगी। 20 दिसम्बर को चांद की 28 तारीख होने से ख्वाजा साहब की मजार पर साल भर पेश किया संदल खादिम उतारेंगे और उर्स में आने वाले जायरीन को यही संदल तबर्रुक के रूप में वितरित किया जाएगा। 21 दिसम्बर को चांदरात होने से सुबह आस्ताना खुलने के साथ ही जन्नती दरवाजा खोल दिया जाएगा। रजब माह का चांद दिखने पर उर्स की रस्में शुरू हो जाएंगी। 22 दिसम्बर को बालीवुड कलाकारों की ओर से सामूहिक रूप से चादर पेश की जाएगी। 27 दिसम्बर को छठी के कुल की रस्म और 30 दिसम्बर को बड़ा कुल होगा। 

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