बाहर से सजा शहर, अंदर से बदहाल
गुमानपुरा से नयापुरा तक मौहल्लों की सड़कें हैं बदहाल
शहर के अंदरूनी इलाकों व मौहल्लों की सड़कों की हालत इतनी अधिक खराब है कि उन पर चलना किसी दुर्घटना का शिकार होने से कम नहीं है।
कोटा। स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल और पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया गया कोटा शहर बाहर से तो सजा हुआ नजर आ रहा है। जबकि शहर के अंदरूनी इलाके व मौहल्ले बदहाली के शिकार हो रहे हैं। नगर विकास न्यास की ओर से करोड़ों रुपए शहर के विकास कार्य पर खर्च किए गए हैं। न्यास व स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में अधिकतर चौराहों को सजाया गया है। विकास व सौन्दर्यीकरण के तहत चौराहों को आकर्षक बनाया गया है। कहीं फ्लाई ओवर तो कहीं अंडरपास बनाने के साथ ही चौराहों पर विशाल मूर्तियां स्थापित की गई हैं। चौराहे के आस-पास की सड़कों को भी चकाचक किया गया था। रोशनी से जगमग चौराहों को हैरीटेज लुक में सजाया गया है। जिससे बाहर से आने वालों को यह आकर्षक नजर आने पर अनायास ही अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। पिछले साल दीपावली के समय शहर को आकर्षक रूप से सजाया गया था जो अभी तक बना हुआ है। लेकिन शहर के अंदरूनी इलाकों व मौहल्लों की सड़कों की हालत इतनी अधिक खराब है कि उन पर चलना किसी दुर्घटना का शिकार होने से कम नहीं है।
महावीर नगर में भी यही हाल
शहर का दादाबाड़ी क्षेत्र हो या महावीर नगर का क्षेत्र वहां भी इसी तरह के हालात हैं। घटोत्चक सर्किल के आस-पास का क्षेत्र भी खुदा हुआ है। श्रीनाथपुरम् व आर.के. परम्, तलवंडी व जवाहर नगर का कुछ क्षेत्र जरूर सही है।
नालियों के ढकान टूटे
चौराहे से अंदर कब्रिस्तान रोड और सब्जीमंडी से लेकर मुक्ति मार्ग तक के क्षेत्र के सड़कें बीच से खुदी हुई हैं। जिससे वहां से वाहन आसानी से नहीं निकल पा रहे हैं। जगह-जगह से नालियां टूटी पड़ी हैं। नालियों के ढकान टूटे हुए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां सबजीमंडी से ट्रांसफर स्टेशन शिफ्ट करने के लिए सड़क खोदी गई थी। लेकिन उसे अभी तक ठीक नहीं किया गया। जिससे यहां सब्जीमंडी में दूर-दूर से आने वाले लोगों को भी परेशानी व दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है। लोगों ने बताया कि नयापुरा की अधिकतर गलियों की यही हालत है।
छावनी व धानमंडी की गलियां भी बदहाल
शहर के छावनी रामचंद्रपुरा से लेकर बंगाली कॉलोनी और धानमंडी से पोस्ट आॅफिस तक की रोड भी पूरी तरह से बदहाली का शिकार है। सड़क बीच-बीच में खुदी होने से लोगों के चलने लायक ही नहीं है। जिससे आए दिन लोग दुर्घटना ग्रस्त हो रहे हैं।
लोगों की जरूरत सड़कें सही हो
शहर वासियों का कहना है कि चौराहों का विकास होना अच्छा है। लेकिन लोगों की सबसे बड़ी जरूरत सही सड़कें हैं। लेकिन शहर में अधिकतर सड़कें ही बदहाल हैं। जिससे दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है। गुमानपुरा निवासी संजय शर्मा का कहना है कि सड़कें बनाई तो अच्छी लेकिन उन्हें खोदने के बास दोबारा सहीं नहीं करने से उन पर चलना मुश्किल हो रहा है। बाहर से चौराहे सजाना ही पर्याप्त नहीं है। नयापुरा निवासी शकील अहमद का कहना है कि शहर का विकास हुआ है। मेन रोड तो सही हैं लेकिन अंदर की गलियों को भी सही करना चाहिए। सड़कों की हालत खराब होने से दो पहिया वाहन तक सही ढंग से नहीं चला पा रहे।
हर जगह बदहाली
शहर के प्रमुख व व्यस्ततम गुमानपुरा चौराहे पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की विशालकाय मूर्ति लगाई गई है। उसके आस-पास के क्षेत्र को भी विकसित किया गया। लेकिन चौराहे के पास सिंधी कॉलोनी व न्यू कॉलोनी की कई गलियां बीच से खुदी हुई है। कहीं सीवरेज लाइन डालने के लिए तो कहीं बरसात के कारण डामर उखड़ने से सड़कों के बीच बड़े-बड़े गड्ढ़े हो रहे हैं। जगह-जगह गिट्टी फेली होने से दो पहिया वाहनों के फि सलने व दुर्घटना ग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। बल्लभबाड़ी की कई गलियां भी बीच से खुदी हुई हैं। गुमानपुरा सिंधी कॉलोनी नहर के पास की गलियों से तो दो पहिया वाहनों का निकलना ही मुश्किल हो रहा है। इसी तरह नयापुरा स्थित विवेकानंद चौराहे को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है। शहर के प्रवेश चौराहे को देखने से यह काफी आकर्षक भी नजर आ रहा है। लेकिन इसके आस-पास का अंदरूनी इलाके के सड़कों की हालत इतनी अधिक बदहाल हो रही हैं कि उन पर पैदल चलना व वाहन लेकर निकलना दुर्घटना को न्यौता देना है।
नगर विकास न्यास की ओर से शहर की सभी सड़कों को कुछ समय पहले ही सही किया गया था। कुछ सड़कें तो सीवरेज के काम के दौरान और कुछ बरसात में खराब हो गई। चुनाव में व्यस्ततरा के कारण सड़कों का काम नहीं हो सका था। अब नई सरकार बनी है। जल्दी ही सड़कों को सही करने का काम भी किया जाएगा।
- मानसिंह मीणा, सचिव नगर विकास न्यास
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