शहर को बदरंग करने वालों पर निगम डाल रहा पर्दा
निगम टीमों ने शहर से हटाए सैकड़ों पोस्टर व फ्लैक्स
बिना अनुमति के किसी भी तरह का प्रचार प्रसार करने व विज्ञापन फ्लेक्स और पोस्टर-बैनर लगाना गलत ।
कोटा। नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से शहर को सुंदर व स्वच्छ बनाने बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं निजी संस्थाएं व लोग शहर को बदरंग करने में जुटे हैं। लोगों की उस करतूत को नगर निगम अपने काम से परदा डाल रहा है। शहर में सार्वजनिक स्थानों पर चाहे चार दीवारी हो या फोर्ट। फ्लाई ओवर हो या गेंट्री बोर्ड। कहीं भी बिना अनुमति के किसी भी तरह का प्रचार प्रसार करने व विज्ञापन फ्लेक्स और पोस्टर-बैनर लगाना गलत है। उसके बाद भी लोग व निजी संस्थाएं उन्हीं जगहों पर पोस्टर बैनर लगाकर निगम व केडीए कार्रवाई को धता बता रहे हैं।
निगम हटा रहा, लोग लगा रहे
नगर निगम के राजस्व अनुभाग की ओर से व केडीए की ओर से पूर्व में कई बार सार्वजनिक स्थानों से अवैध रूप से लगे पोस्टर व बैनर हटाए जा चुके हैं। लेकिन लोग हैं कि उन्हीं जगहों पर फिर से प्रचार प्रसार के पोस्टर व फ्ïलैक्स लगा रहे हैं। जिससे निगम की कार्रवाई का असर ही नजर नहीं आ रहा है।
इन जगहों पर क्रेन की सहायता से हटाए
नगर निगम की ओर से शहर में कई जगह पर अधिक ऊंचाई पर लगे पोस्टर व बैनर और फ्लैक्स को क्रेन की सहायता से हटाया गया। जानकारी के अनुसार नाग नागिन मंदिर से कोटड़ी चौराहा, छावनी फ्लाई ओवर के ऊपर से एरोड्राम चौराहा होते हुए विज्ञान नगर चौराहे तक कार्रवाई की गई। इसके साथ ही टीलेश्वर चौराहे से सीएडी रोड होते हुए कई अन्ज जगह पर कार्रवाई की। निगम के गैराज से बड़ी क्रेन व लिफ्ट मशीन की सहायता से करीब
300 से अधिक पोस्टर बैनर हटाए गए।
निगम कर्मचारियों ने बताया कि डिवाइडर के बीच, बिजली के खम्बो,ग्रीन बेल्ट, सार्वजनिक शौचालयों, खेल मैदानों की दीवारों पर बड़ी संख्या में निजी स्कूल, कोचिंग, हॉस्पिटल और डॉक्टरों के विज्ञापन वाले कागज व प्लास्टिक के बैनर और फ्लेक्स लगाए हुए हैं। ऐसे करीब 700 पोस्टर बैनर को लोहे के ब्रश, पत्ती व पानी की सहायता से 700 पोस्टर बैनर साफ किए गए।
सम्पति विरूपण के तहत कार्रवाई
नगर निगम की स्वास्थ्य अधिकारी ऋचा गौतम ने बताया कि पूर्व में निगम के राजस्व अनुभाग द्वारा अवैध पोस्टर बैनर हटाए गए थे। अब निगम के जन स्वास्थ्य अनुभाग कर्मचारियों द्वारा यह कार्य किया जा रहा है। बिना अनुमति व सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर बैनर लगाकर प्रचार करना सम्पति विरूपण अधिनियम के तहत आता है। इस अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है। पूर्व में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। कई जगह पर केडीए की ओर से भी इस तरह की कार्रवाई की जा चुकी है।

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