देश की सबसे बड़ी वाटर टनल देगी खुशियों की सौगात

परवन वृहद सिंचाई परियोजना

देश की सबसे बड़ी वाटर टनल देगी खुशियों की सौगात

नए साल में 8.70 किमी लम्बी टनल बनकर हुई तैयार।

कोटा। हाड़ौती की महत्वाकांक्षी परवन वृहद सिंचाई परियोजना का काम तेज गति से चल रहा है। परियोजना के तहत नए साल में देश की सबसे बड़ी वाटर टनल का निर्माण पूरा हो गया है। कोटा संभाग के अकावदकलां गांव के पास 8.70 किलोमीटर लम्बी टनल करीब चार साल बाद बनकर तैयार हो गई है। इसी टनल के माध्यम से दायीं और बायीं नहर का निर्माण होगा। जिस रफ्तार से बांध का कार्य चल रहा है, इससे उम्मीद जताई जा रही है कि इसी साल बांध का निर्माण पूरा हो जाएगा। इससे हाड़ौती के तीन जिलों कोटा, झालावाड़ व बारां के लिए सिंचाई और पेयजल की सौगात मिल सकेगी।

परवन बांध के पांच गेट बनकर तैयार
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार इस समय अकावद कलां में परवन नदी पर बांध का काम द्रुतगति से चल रहा है। वहीं दायीं और बायीं नहर के लिए बनाई गई देश की सबसे बड़ी वाटर टनल का काम पूरा हो चुका है। इस वाटर टनल की लंबाई 8.70 किलोमीटर है। इसी टनल से दायीं मुख्य नहर निकलेगी, जिससे बारां जिले में करीब 90 किमी एरिया में सिंचाई हो सकेगी। फिलहाल बांध के 5 गेट तैयार हो चुके हैं जबकि अन्य का निर्माण कार्य प्रगति पर है। परवन बांध 38 मीटर ऊंचा 490 मिलियन घन क्षमता का है।

637 गांवों की 2 लाख हैक्टेयर भूमि होगी सिंचित
इस परियोजना से कोटा, बारां व झालावाड़ जिलों के 637 गांवों में 2.02 लाख हैक्टेयर में स्काडा नियंत्रित प्रेशराइज्ड पाइप द्वारा फव्वारा पद्धति के माध्यम से सिंचाई सुविधा मिलेगी। साथ ही 1821 गांवों में पेयजल, विद्युत उत्पादन तथा वन्यजीवों के लिए जल उपलब्ध करवाया जाएगा। दायीं मुख्य नहर 8.75 किलोमीटर टनल से होती हुई बारां जिले में 89.40 किलोमीटर क्षेत्र में सिंचाई का पानी पहुंचाएगी। इसमें कुल 61 डिग्गियां बनेगी। इसमें 19 बायीं व 33 डिग्गियां दायीं क्षेत्र में रहेगी। 9 डिग्गियां से शेरगढ़ अभयारण्य क्षेत्र में सिंचाई व पेयजल उपलब्ध करवाया जा सकेगा।

इस तरह खेतों तक पहुंचेगा पानी
जानकारी के अनुसार परवन बांध की बायीं मुख्य नहर 51.95 किलोमीटर की रहेगी। इसमें प्रथम चरण के अंतर्गत खुदाई का कार्य 90 फीसदी पूर्ण हो गया है। नहरों से पाइप के जरिए पानी डिग्गी पम्प हाउस पहुंचेगा जहां से क्षेत्रवार 3000 हैक्टेयर भूमि में पाइप लाइनों के जरिए सिंचाई होगी। खानपुर तहसील के 81 व सांगोद के 48 गांवों को प्रथम फेज में 43 हजार 159 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का पानी मिल सकेगा। भराव क्षमता के मामले में यह राजस्थान का चौथा सबसे बड़ा बांध है जिसकी कुल भराव क्षमता 492 मिलियन क्यूबिक मीटर है। भराव क्षमता 490 मिलियन क्यूबिक मीटर रहेगी।

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परवन बांध - फैक्ट फाइल
7 355.23 करोड़ की लागत
490 मिलियन घन मीटर क्षमता
05 गेट बनकर तैयार  
29 मई 2017 को शुरू हुआ था कार्य 
2025 तक निर्माण पूर्ण होना प्रस्तावित

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इनका कहना है
परवन बांध सिंचाई परियोजना के पूरा होने के बाद हाड़ौती के किसानों को काफी फायदा होगा। जिन क्षेत्रों में सिंचाई के पानी की व्यवस्था नहीं है वहां पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने से फसलों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। वहीं किसानों की आय में भी इजाफा होगा।
- लक्ष्मीचंद नागर, किसान नेता  

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परवन बांध क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी वाटर टनल का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इसकी लंबाई 8.70 किमी है। अब दायीं व बायीं नहर का निर्माण कार्य शुरू होगा। इनके लिए खेत खाली होने का इंतजार किया जा रहा है। इसी वर्ष मानसून से पहले बांध बनकर तैयार होने की उम्मीद है। 
- बीएस मीना, अधिशासी अभियंता, परवन वृहद सिंचाई परियोजना

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