झीलों का शहर उदयपुर : आचार संहिता की कैंची, शहर के कई प्रोजेक्ट पर ब्रेक
निगम का डोम, गैराज की नई मशीनें और रानी रोड का स्पोटर्स एडवेंचर अटके
उदयपुर। निकाय एवं पंचायतीराज चुनाव की आचार संहिता ने उदयपुर के कई प्रस्तावित विकास प्रोजेक्ट की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। जो काम पहले से स्वीकृत होकर जमीन पर चल रहे हैं, उनके जारी रहने की उम्मीद है लेकिन टेंडर, वर्क आर्डर, नई स्वीकृति या अन्य प्रक्रियाओं में अटके प्रोजेक्ट अब चुनाव बाद ही आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं। यानी चुनावी बिगुल बजते ही शहर के कई विकास कार्यों की फाइलें भी ठहरने की स्थिति में हैं।नगर निगम परिसर में शहरवासियों, सामाजिक संगठनों और सार्वजनिक आयोजनों के लिए डोम बनाने की योजना तैयार की गई थी। योजना से जुड़ी कागजी कार्रवाई भी आगे बढ़ चुकी थी लेकिन क्रियान्वयन नहीं हो पाया। अब आचार संहिता लागू होने के बाद इस योजना के लिए चुनाव खत्म होने तक इंतजार करना पड़ सकता है।रानी रोड पर स्पोटर्स एडवेंचर विकसित करने की योजना भी लंबे समय से चर्चा में है। निगम बोर्ड ने इसकी डीपीआर तैयार करवाई थी। न्यायालय में प्रकरण के कारण पहले ही योजना की रफ्तार प्रभावित हुई थी। इसके बावजूद यूडीए स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में बताई जा रही थीं। अब आचार संहिता के कारण इसके धरातल पर उतरने की उम्मीद चुनाव बाद ही दिखाई दे रही है।
गैराज में जेसीबी-पोकलैंड की एंट्री पर ब्रेक :
नगर निगम का गैराज भी नई मशीनों का इंतजार कर रहा है। दो जेसीबी, दो लोडर, दो पोकलैंड सहित अन्य मशीनें और उपकरण खरीदने की योजना थी। खरीद प्रक्रिया पूरी होने से पहले आचार संहिता लागू होने से अब इनकी खरीद भी चुनाव बाद खिसक गई है।
चांदपोल की नई सड़क की राह भी लंबी :
चांदपोल क्षेत्र में संस्कृत कॉलेज के पास से नई सड़क निकालने की योजना भी फिलहाल अटकी हुई है। इस मामले में न्यायालय की ओर से पहले स्थगन आदेश जारी हुआ था। बाद में न्यायालय के निर्देश के अनुसार कार्ययोजना तैयार की गई, लेकिन अब आचार संहिता के चलते इसके क्रियान्वयन में और देरी की संभावना है।
चलते कामों को राहत, नई योजनाओं को नजर :
आचार संहिता का असर मुख्य रूप से उन योजनाओं पर पड़ा है जिनमें अभी नई स्वीकृति, टेंडर, वर्क आॅर्डर या अन्य औपचारिकताएं बाकी हैं। पहले से स्वीकृत होकर मौके पर चल रहे कार्य सामान्य रूप से जारी रह सकते हैं। ऐसे में चुनाव तक शहर में नई योजनाओं के बजाय पुराने प्रोजेक्ट की रफ्तार पर ही ज्यादा नजर रहेगी।

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