कहीं सफाई-रोशनी बेहाल, कहीं चंबल के शहर में पानी का इंतजार
वार्ड 40 में व्यवस्था संतोषजनक, समय पर मिल रहे पार्षद
कोटा। शहर के नए वार्डों की हकीकत जानने के लिए की गई ग्राउंड रिपोर्टिंग में अलग-अलग तस्वीरें सामने आईं। छह वार्डों में लोगों से बातचीत के दौरान सबसे ज्यादा शिकायतें सफाई, सड़क और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी मिलीं। कई इलाकों में लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि चुनाव के दौरान समस्याएं दूर करने के दावे तो करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वही समस्याएं जस की तस रह जाती हैं। वहीं कुछ वार्ड ऐसे भी मिले, जहां लोगों ने मूलभूत सुविधाओं को लेकर संतोष जताया और जनप्रतिनिधि के उपलब्ध रहने को बड़ी उपलब्धि बताया। छह वार्डों की जमीनी तस्वीर बताती है कि एक ही शहर में सुविधाओं को लेकर अलग-अलग तस्वीरें मौजूद हैं।
वार्ड 35 में सफाई और लाइट की समस्या से परेशान लोग
वार्ड नंबर 35 में आने वाले इलाकों में लोगों ने सबसे ज्यादा परेशानी सफाई व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट को लेकर बताई। स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगह नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी की समस्या बनी रहती है। वहीं रात के समय कई स्थानों पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि सफाई व्यवस्था नियमित की जाए और खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट को समय पर दुरुस्त किया जाए, ताकि रात में आवागमन करने वालों को परेशानी नहीं हो।
चंबल किनारे बसे शहर में पानी को तरस रही पूनम कॉलोनी
वार्ड नंबर 37 की पूनम कॉलोनी में ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान पानी की समस्या सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई। कॉलोनीवासियों का कहना है कि जिस शहर में चंबल नदी बहती है, उसी शहर की एक कॉलोनी के लोगों को आज तक चंबल का पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। लोगों के मुताबिक कॉलोनी में अब तक पाइपलाइन तक नहीं डाली गई है। वर्षों से समस्या झेल रहे परिवार अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहते हैं।
मूलभूत सुविधाएं व्यवस्थित, पार्षद से सीधे संवाद से लोग संतुष्ट
छह वार्डों की ग्राउंड रिपोर्ट में वार्ड नंबर 40 की तस्वीर बाकी वार्डों से अलग नजर आई। यहां वार्डवासियों ने क्षेत्र की स्थिति को संतोषजनक बताया। लोगों के अनुसार वार्ड में सामुदायिक भवन, पार्क, सड़क, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं व्यवस्थित हैं। स्थानीय लोगों ने सबसे सकारात्मक बात पार्षद की उपलब्धता को बताया। उनका कहना है कि जब भी पार्षद से मिलने का समय तय होता है, वे उस समय उपलब्ध रहते हैं और लोगों की समस्याएं सुनते हैं। वार्डवासियों के अनुसार समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधि तक सीधी पहुंच होना भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वार्ड नंबर व शामिल क्षेत्र
-वार्ड नंबर 35| चित्रेश नगर, पार्वतीपुरम, महात्मा गांधी कॉलोनी, खारी बावड़ी, मण्दीपाड़ा, रेल विहार कॉलोनी, कृषि फार्म, सुमन नगर, श्रीजी विहार आदि क्षेत्र।
-वार्ड नंबर 36| रामदास नगर, लक्ष्मी नगर, गोपाल विहार, काला तालाब, रंग तालाब, चौथ माता मंदिर, बाबड़ी, लोको कॉलोनी, रजा नगर, श्रीराम विहार, कृष्ण विहार, पुरोहित नगर आदि क्षेत्र।
-वार्ड नंबर 37| पूनम कॉलोनी, छोटा सोगरिया, सोगरिया ग्राम पंचायत का भाग, गणपति नगर, दुर्गा नगर, प्रताप टाउनशिप आदि क्षेत्र।
-वार्ड नंबर 38| न्यू रेलवे कॉलोनी, सरस्वती कॉलोनी, रेलवे अस्पताल, रेलवे वर्कशॉप ग्राउंड, तुल्लापुरा, रेलवे कॉलोनी, पुरानी रेलवे कॉलोनी, वर्कशॉप, जेपी कॉलोनी, उड़िया बस्ती, हरिजन बस्ती, रेलवे प्लेटफॉर्म नंबर 4 के सामने का समस्त क्षेत्र, शिवाजी कॉलोनी, पुरोहित जी की टापरी, सुंदर नगर आदि क्षेत्र।
-वार्ड नंबर 39| जनकपुरी, इंदिरा कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, रेलवे सोसाइटी, सेंट पॉल स्कूल, माला फाटक, कच्ची बस्ती क्षेत्र, राम मंदिर, गुरुद्वारा स्कूल, डाक बंगला स्कूल, राज केसर होटल क्षेत्र आदि।
-वार्ड नंबर 40| महाराजा भीम सिंह कॉलोनी, चंबल कॉलोनी, दरबार की कोठी, संपूर्ण आर्मी क्षेत्र, जैन मंदिर क्षेत्र, पोस्ट ऑफिस रोड, मयूर कॉलोनी, रबर फैक्ट्री रोड, मंगलायतन, सनफ्लावर रेस्टोरेंट, उम्मेद भवन आदि क्षेत्र।
पहली बार पार्षद बनने के बाद पहली प्राथमिकता वार्ड की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करना रही। उन्होंने खारी बावड़ी स्थित प्राथमिक विद्यालय का जीर्णोद्धार करवाया। इसके साथ ही वार्ड में रोड़ लाइटें लगवाईं, सीसी रोड का निर्माण करवाया और नालियों का निर्माण कराया। वार्ड में सामुदायिक भवन या पार्क के लिए पर्याप्त भूमि नहीं है, जिसके चलते इन सुविधाओं का विकास संभव नहीं हो पाया।
- रचना शर्मा, पूर्व पार्षद
वार्ड में सबसे बड़ी समस्या खराब सड़कों की थी। इसे दूर करने के लिए मेरे कार्यकाल में कई जगह सीसी रोड का निर्माण करवाया गया। श्मशान के पास और कब्रिस्तान के सामने बने कचरा पॉइंट को हटाना भी बड़ी चुनौती थी, जिसे मेनें हटवाया। वार्ड में रोड लाइट की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई थी, जिसे दूर करते हुए नई रोड लाइटें लगवाई गई। वार्ड में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लगातार प्रयास किए गए।
- हुकुमचंद, पूर्व पार्षद
कांग्रेस शासन के दौरान वार्डवासियों की मूलभूत सुविधाओं का लगातार ध्यान रखा गया, लेकिन सरकार बदलने के बाद वार्ड में समस्याएं बढ़ने लगीं। अब वार्डवासियों को छोटे-छोटे कामों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसी फार्म पर हस्ताक्षर करवाने जैसे सामान्य कार्य के लिए भी लोगों को नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके बावजूद वहां भी उनकी समस्याओं की सुनवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।
- साजिश खान, निवर्तमान पार्षद
शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में पहचान दिलाने की बात की जाती है, लेकिन हमारे वार्ड में स्मार्ट सिटी जैसी सुविधाएं नजर नहीं आतीं। वार्ड में ऐसा कोई पार्क नहीं है, जहां बच्चे खेल सकें और झूला झूल सकें या लोग सुबह-शाम सुकून से टहल सकें। इसी तरह सामुदायिक भवन का भी अभाव है। कई परिवार ऐसे हैं, जो निजी स्तर पर बड़े स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में सामुदायिक भवन की सुविधा उनके लिए बेहद जरूरी है।
- राहुल शर्मा, वार्डवासी
भाजपा सरकार के कार्यकाल में वार्ड की सफाई व्यवस्था बदहाल हो गई है। नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कचरा जमा रहता है। कचरा संग्रहण के लिए दो वार्डों में एक ही गाड़ी लगा रखी है, जिसके कारण समय पर कचरा नहीं उठ पाता और लोगों को परेशानी होती है। वार्डवासी आज भी सड़क, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। नगर निगम में शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
- मोहम्मद शरीफ, वार्डवासी

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