राजस्थान नगर निकाय चुनाव: शिथिलता प्रकरण सीधे आयोग को न भेजें, मुख्य सचिव के अनुमोदन के बाद ही भेजने के निर्देश
मुख्य सचिव के अनुमोदन के बिना सीधे आयोग को न भेजें प्रकरण
जयपुर। राज्य निर्वाचन आयोग ने 309 नगरीय निकायों के आम चुनाव की घोषणा के साथ आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद शिथिलता एवं स्पष्टीकरण संबंधी प्रकरणों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने कहा है कि आदर्श आचार संहिता के प्रभाव में रहने की अवधि में विभिन्न विभाग स्पष्टीकरण या शिथिलता संबंधी कोई भी प्रकरण सीधे आयोग को न भेजें। ऐसे प्रकरण केवल मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार के स्तर से अनुमोदन के उपरांत ही आयोग को भेजे जाएं।
आयोग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रकरणों का परीक्षण आयोग द्वारा समय-समय पर आदर्श आचार संहिता के संबंध में जारी निर्देशों के अनुसार कर लिया जाए तथा केवल शिथिलता या अनुमति दिए जाने योग्य प्रकरण ही आयोग को प्रेषित किए जाएं। सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि अपनी मूल पत्रावली मुख्य सचिव कार्यालय में प्रेषित करते समय संदर्भित प्रकरण अपनी स्पष्ट टिप्पणी के साथ भेजें।
आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि किसी प्रकरण के निस्तारण की समय सीमा निर्धारित है, तो ऐसी स्थिति में प्रकरण कम से कम 07 दिन (एक सप्ताह) पूर्व मुख्य सचिव को भिजवाया जाना सुनिश्चित करें। यह आदेश 20 अगस्त को मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव राजेश वर्मा द्वारा जारी किया गया है। आयोग ने 19 अगस्त को राज्य की 309 नगरीय निकायों के आम चुनाव की घोषणा की थी, जिसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। आदेश की प्रतियां मुख्य सचिव सहित सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजी गई हैं।

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