किसानों को ठग रहीं सहकारी समितियां, खुद बना रही नकली खाद-कीटनाशक

एक साल में खाद के 556 और कीटनाशक के 128 नमूने जांच में फेल

किसानों को ठग रहीं सहकारी समितियां, खुद बना रही नकली खाद-कीटनाशक
नकली खाद, कीटनाशक और बीज को लेकर जहां निजी संस्थानों पर लगाम कसने लगी है, वहीं एक चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि अब सरकारी कंपनियों और समितियों के भी सैंपल फेल होने लगे। बीते एक वर्ष में खाद के 556 और कीटनाशक के 128 नमूने जांच में फेल साबित हुए हैं। नकली उत्पादों को रोकने का जिम्मा दिया गया है, वे ही इसे बढ़ावा दे रहे हैं।

उदयपुर। नकली खाद, कीटनाशक और बीज को लेकर जहां निजी संस्थानों पर लगाम कसने लगी है, वहीं एक चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि अब सरकारी कंपनियों और समितियों के भी सैंपल फेल होने लगे हैं। बीते एक वर्ष में खाद के 556 और कीटनाशक के 128 नमूने जांच में फेल साबित हुए हैं। नकली उत्पादों को रोकने का जिम्मा दिया गया है, वे ही इसे बढ़ावा दे रहे हैं। किसान इन सरकारी कंपनियों और समितियों पर भरोसा कर खाद, कीटनाशक की खरीद में इन्हें प्राथमिकता देता है, जबकि किसानों के इस विश्वास का गला घोंटा जा रहा है। हाल ही में जारी सूचना में यह स्पष्ट हुआ है कि उदयपुर, कोटा, अजमेर, गंगानगर और डूंगरपुर में ऐसी कई कंपनियां और समितियां हैं, जो खाद सहित अन्य कृषि उत्पाद बनाती है।

जब इनके सैंपल जांचे गए तो कइयों में गड़बड़ियां पाई गई। ग्राम सेवा सहकारी समितियां उदयपुर में 2025 में सारंगपुरा (कानोड़) जीएसएस पर 28.80 मीट्रिक टन, पलाणा कलां पर 20.20 मीट्रिक टन, भटेवर से 100 मीट्रिक टन खाद के नमूने फेल रहे हैं। बताया गया कि यहां निर्माणकर्ता समितियों के जिम्मेदारों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। डूंगरपुर की क्रय विक्रय सहकारी समिति में लैम्पस समिति के गोदाम पर 2025 में 226 बैग के नमूने फेल रहे हैं।

फसलें बर्बाद, मुआवजा शून्य
नकली खाद और बीज से करोड़ों की फसलें खराब हो चुकी हैं, लेकिन मुआवजा किसी किसान को नहीं मिला। किसान संघों का कहना है कि पिछले साल उदयपुर से कीटनाशक लेकर आए किसानो सैकडों बीघा की फसल खराब हो गई। इनकी शिकायत पुलिस और प्रशासन को दी। न कार्रवाई हुई, न मुआवजा मिला।

विभाग ही दबाने में लगा प्रकरण
नकली खाद बीज बनाने वाली समितियों को नोटिस जारी कर कारण पूछा गया है और नोटिस प्राप्त करने वालों ने मामले में दुबारा जांच करवाने की मांग की है। इधर, जब तत्कालीन डीआर से बातचीत की गई तो उन्होंने खुद का स्थानांतरण होने तथा किसी की तरह जांच की जानकारी नहीं होने की बात कही है। सहकारी समितियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि प्रकरण में एक एमडी को एपीओ भी किया जा चुका है। बताया गया कि एग्रीकल्चर विभाग की तरफ से यह सैंपलिंग करवाई गई थी। वर्तमान में स्थिति यह है कि इस प्रकरण को टालमटोल किया जा रहा है। 

Read More यूजीसी ने बदला नियम, पीएचडी के लिए रिसर्च एंट्रेंस एग्जाम नहीं

इनका कहना है..
मामला सही है। उदयपुर ही नहीं अजमेर, डूंगरपुर व अन्य जिलों में भी इस तरह के मामले सामने आए हैं। सरकार को इस दिशा में सख्त कदम उठाने चाहिए, जिससे किसानों के साथ न्याय हो सके।
-प्रमोद सामर, प्रदेश संयोजक, सहकारिता प्रकोष्ठ, उदयपुर।  

Read More भीषण सड़क हादसा : ट्रक में पीछे से घुसी कार, नवविवाहित दंपती की दर्दनाक मौत

Post Comment

Comment List

Latest News

राजस्थान संपर्क पोर्टल का निरीक्षण, लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश राजस्थान संपर्क पोर्टल का निरीक्षण, लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीपीग्राम पोर्टल पर लंबित राज्य स्तरीय प्रकरणों की समीक्षा की और अधिकारियों से देरी के कारणों...
CM योगी का बड़ा ऐलान: यूपी में विदेशी आक्रांताओं के नाम पर नहीं होंगे मेले, महाराजा सुहेलदेव को मिलेगा सम्मान
ईरान का बड़ा पलटवार: कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन हमले, कई रक्षा प्रणालियां नष्ट करने का दावा
जयपुर को विकास का 219 करोड़ का तोहफा, पार्क और सड़क परियोजनाओं को मिली हरी झंडी
छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर केजरीवाल का बड़ा हमला, बोले- AAP देगी कानूनी और मेडिकल मदद, हेल्पलाइन जारी
युवा कांग्रेस का बड़ा दावा: घायल और परेशान छात्रों को मिलेगा भोजन, मेडिकल और कानूनी सहयोग; हेल्पलाइन जारी
जयपुर में ‘चाइनीज ड्रैगन फ्रूट’ का क्रेज : 100 रुपए में 3 नग बेच रहे विक्रेता,  अनोखे फल को देख उमड़ रही खरीदारों की भीड़