मार्बल व्यापारियों ने तुर्की से बंद किया ग्रेनाइट आयात, टूर कंपनियां दे सकती हैं बड़ा झटका

टूर कंपनियों-मार्बल व्यापारियों ने किया पाकपरस्त देशों का बहिष्कार

मार्बल व्यापारियों ने तुर्की से बंद किया ग्रेनाइट आयात, टूर कंपनियां दे सकती हैं बड़ा झटका

उदयपुर मार्बल प्रोसेसर समिति के अध्यक्ष कपिल सुराणा कहते है कि हमने तो प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर तुर्की से सभी व्यापारिक रिश्ते तोडने की मांग की हैं।

उदयपुर। पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के साथ-साथ उसके सहयोगी देशों को भी सचेत करने तथा आतंक की फैक्ट्री आर्थिक चोट पहुंचाने के लिए मोर्चा खोल दिया है। एक तरफ जहां टूर एंड ट्रेवल्स कंपनियों ने सोशल मीडिया पर अभियान चलाकर पाक परस्त देशों तुर्की, उज्बेकिस्तान व अजरबेजान को दो टूक शब्दों में संदेश दिया है कि हम देश के साथ खड़े हैं। सैलानियों से कहा जा रहा है कि वे वहां पैसा खर्च करें जहां हमारे और हमारे देश के मूल्यों का सम्मान होता है। वहीं, उदयपुर के मार्बल व्यवसायियों ने तुर्की से ग्रेनाइट सहित अन्य मार्बल के आयात को बंद कर दिया है। हालांकि, इससे पहले इन व्यापारियों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस संबंध में मांग रखी थी। मार्बल एसोसिएशन का कहना है कि दुश्मन का दोस्त भी दुश्मन होता है।

तुर्की से हमारे व्यापारिक रिश्ते अच्छे हैं। खासी मात्रा में तुर्की से ग्रेनाइट मार्बल आयात होता है। इसके चलते हमने तुर्की से ग्रेनाइट एवं अन्य मार्बल का बहिष्कार कर दिया है। हम तो चाहते हैं व्यापारिक प्रतिबंध के साथ ही पर्यटन को भी बंद किया जाए।  टूर एंड ट्रेवल्स कंपनी के महेंद्रसिंह का कहना है कि छुट्टियों में घूमने के लिए पूरा संसार पड़ा है। अकेले राजस्थान से हर माह तुर्की, उज्बेकिस्तान व अजरबेजान में करीब 2-3 हजार लोग जाते हैं। कंपनियों का कहना है कि इन देशों का झुकाव पाकिस्तान की ओर है। ऐसे में देश की बड़ी ट्रेवल्स कंपनियों के साथ छोटे टूर एंड ट्रेवल्स तक ने इन देशों के पैकेज बेचने पर रोक लगाना शुरु किया है। बताया गया कि तुर्की की करीब 12 फीसदी अर्थव्यवस्था पर्यटन से चलती है। अजरबेजान की अर्थव्यवस्था में 7.6 प्रतिशत आय पर्यटन से होती है।

लगेगा तुर्की को बड़ा झटका
उदयपुर मार्बल प्रोसेसर समिति के अध्यक्ष कपिल सुराणा कहते है कि हमने तो प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर तुर्की से सभी व्यापारिक रिश्ते तोडने की मांग की हैं। फिलहाल देश में करीब 15 टन मार्बल आयात किया जाता है, जिसमें सिर्फ तुर्की से 70 फिसदी मार्बल आयात किया जाता है जो करीब ढाई हजार करोड़ से ज्यादा लागत का है। सुराणा ने कहा कि प्रोससर्स समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय किया है कि तुर्की से आने वाले मार्बल को हमने रोक दिया है। महासचिव हितेश पटेल ने बताया कि उदयपुर के भी पचास से ज्यादा बड़े व्यवसायी तुर्की से बड़ी तादाद में मार्बल आयात कर रहे थे लेकिन अब उन्होंने इसका बहिष्कार करने का फैसला लिया है।  व्यापारियों ने कहा कि तुर्की से हम 70 प्रतिशत मार्बल मंगवाते हैं, लेकिन अब बड़ा असर इसका आएगा और तुर्की के व्यापार को बड़ा धक्का लगेगा।

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