उदयपुर से विकास का संदेश, CM भजनलाल बोले- राज्य सरकार गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध
लखपति दीदी मॉडल से बदली हजारों की जिंदगी
उदयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के उत्थान के लिए राज्य सरकार काम कर रही है और ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रमों के जरिए प्रदेश में विकास को नई दिशा दी जा रही है। सीएम शर्मा शनिवार को उदयपुर में झाड़ोल के ग्राम बीड़ा में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन सभी के सुझावों को राज्य बजट में भी शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेण्डर, हर घर नल से जल जैसे कदम उठाएं हैं। अच्छी शिक्षा के लिए बालिकाओं को साईकिल, स्कूटी और यूनिफॉर्म दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। महिलाओं को मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत पांच रुपये प्रति लीटर अनुदान का लाभ मिल रहा है। बुजुर्ग माताओं को पेंशन मिल रही है। वहीं, गर्भवती महिलाओं को मा वाउचर योजना का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीविका के माध्यम से प्रदेश में महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सक्षम बन रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी महत्वपूर्ण पहल की।
इससे पहले कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्थानीय कलाकारों ने वालर नृत्य एवं बच्चों ने गैर नृत्य कर स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री का राजीविका महिलाओं से हुए संवाद में गायत्री सुथार ने बताया कि सीआरपी टीम ने उन्हें एसएचजी से जोड़ा और प्रशिक्षण दिया। जिसके बाद मैंने काम प्रारंभ किया तथा आज मेरे गांव में 35 समूह हैं। वह दिव्यांग सखी के रूप में दिव्यांगों की मदद कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलवाया। बीसी सखी एवं डाटा एंट्री सखी का भी काम किया। राजीविका ने उन्हें मास्टर ट्रेनर बनाया। आज लखपति दीदी हूं। यह सबकुछ राजीविका के प्रशिक्षण और सहयोग से संभव हो पाया है।
इसी तरह मीरा देवी ने बताया " 2014 में मेरे समूह का गठन हुआ, जिससे जुड़कर मैंने एंट्री करने का काम किया। साथ ही, 10वीं और 12वीं कक्षा भी पास की। आज मेरे गांव में एसएचजी की संख्या दो से बढ़कर 16 हो गई है। इन सभी को मैं संभाल रही हूं। मैंने पशु सखी का काम किया। समूह से 40 हजार का लोन लेकर बकरी पालन किया। इससे मुझे एक वर्ष में एक लाख 20 हजार रुपये की आमदनी हुई। राजीविका की वजह से मेरी आर्थिक स्थिति सुधरी है। हर माह मुझे 17 से 18 हजार रुपये की आमदनी हो रही है।" इसी तरह अन्य राजीविका महिलाओं ने भी संवाद में अपनी बात कही। इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सांसद मन्नालाल रावत, विधायक प्रताप लाल भील, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

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