नम्बर वन से पिछड़ी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी : रिसर्च-केंद्रित रैंकिंग में तीसरे स्थान पर आई, हायर एजुकेशन में अब चीन की झेजियांग सबसे आगे
चाइनीज यूनिवर्सिटीज ने तेजी से प्रगति की है
खासतौर पर विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित जैसे क्षेत्रों में चीन का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया है।
वॉशिंगटन। दुनिया भर में बेहतरीन पढ़ाई के लिए मानी जानी वाली हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पिछड़ती नजर आ रही है। हाल में जारी हुई ग्लोबल यूनिवर्सिटी रैंकिंग में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पहले पायदान से फिसल गई है। हायर एजुकेशन में अब चीन की झेजियांग यूनिवर्सिटी अव्वल नंबर पर आ गई हैं। कई दशकों तक हार्वर्ड का नाम ही एजुकेशन में बेस्ट क्वालिटी माना जाता था। एक रिपोर्ट के अनुसार कुछ रिसर्च-केंद्रित रैंकिंग में हार्वर्ड तीसरे स्थान तक खिसक गई है। ये नई रैंकिंग मुख्य रूप से पब्लिश्ड रिसर्च, साइंटिफिक आर्टिकल्स के नंबर्स और उन पर मिलने वाले साइटेशन (क्रेडिट) पर आधारित हैं। इन क्षेत्रों में चाइनीज यूनिवर्सिटीज ने तेजी से प्रगति की है। खासतौर पर विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित जैसे क्षेत्रों में चीन का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया है।
यह रहा हार्वर्ड के पिछड़ने का कारण
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अमेरिका की यूनिवर्सिटीज को कुछ नीतिगत चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। रिसर्च फंडिंग को लेकर अनिश्चितता, सख्त इमिग्रेशन नियम और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर कई तरह के प्रतिबंध, एकेडमिक माहौल को प्रभावित कर रहे हैं। इससे रिसर्च की रफ्तार धीमी पड़ सकती है जिसका असर रैंकिंग में दिखने लगा है।
ऐसे ही नम्बर वन नहीं बनी चाइनीज यूनिवर्सिटीज
पिछले बीस सालों में चीन ने उच्च शिक्षा और साइंटिफिक रिसर्च में अरबों डॉलर का निवेश किया। सरकार ने यूनिवर्सिटीज को स्पष्ट लक्ष्य दिए, जिसमें हाई क्वालिटी रिसर्च को बढ़ावा दिया गया।

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