यूनुस के राज में बांग्लादेश बना जंग का मैदान : बीएनपी और जमात के बीच हिंसक झड़प, चुनाव से पहले बढ़ा तनाव
कार्यकर्ता विरोध के लिए मौके पर पहुंच गए
पिछले कुछ सप्ताह की घटनाओं पर नजर डालने से पता चलता है कि जैसे-जैसे वोटिंग का दिन करीब आ रहा है, तनाव लगातार बढ़ रहा है।
ढाका। बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों से पहले हिंसा तेज हो गई है। वोटिंग से तीन दिन पहले रविवार की शाम को बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी और जमात-ए-इस्लामी के बीच रात भर चली झड़पों में 40 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हिंसा की शुरूआत तब हुई, जब पटुआखाली जिले में बीएनपी कार्यकर्ताओं ने जमात-ए-इस्लामी पर देर रात के एक कार्यक्रम में मतदाताओं को पैसे बांटने का आरोप लगाया। खबर मिलते ही बीएनपी कार्यकर्ता विरोध के लिए मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान जमात ने भी अपने समर्थकों को बुला लिया और दोनों पक्षों में संघर्ष शुरू हो गया। बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दोनों गुटों में जबरदस्त टकराव हुआ जो रात भर चलता रहा। इसमें 40 लोग घायल हुए हैं। हालांकि, यह हिंसा का इकलौता मामला नहीं है। पिछले कुछ सप्ताह की घटनाओं पर नजर डालने से पता चलता है कि जैसे-जैसे वोटिंग का दिन करीब आ रहा है, तनाव लगातार बढ़ रहा है।
चुनाव इस बार क्यों खास?
- 12 फरवरी को होने वाले चुनाव बांग्लादेश के पिछले चुनावों से काफी अलग होने जा रहे हैं।
- अगस्त 2024 में छात्र विद्रोह के बाद यह पहला आम चुनाव है। उस विद्रोह ने शेख हसीना के 15 साल के शासन को खत्म कर दिया था।
- देश में 9 बार सरकार बना चुकी शेख हसीना की अवामी लीग पर मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के प्रतिबंध लगा दिया है।
- बांग्लादेश में राष्ट्रीय चुनाव के लिए 12.7 करोड़ से अधिक वोटर हैं। इसे 2009 के बाद सबसे महत्वपूर्ण चुनाव बताया जा रहा है।
- किसकी बनेगी सरकार?
बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी पर अधिकांश चुनावी विश्लेषक आगे बता रहे हैं। पार्टी देश की 300 में से 292 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी सरकार बनाने के लिए जरूरी सीटें जीतने को लेकर आश्वस्त है। देश की सबसे बड़ी धार्मिक राजनीतिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी इस बार 11 पार्टियों के गठबंधन के साथ मैदान में है। जमात के बारे में कहा जा रहा है कि यह अपना अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन कर सकती है। वहीं, विश्लेषक ने जमात की तरफ से चुनाव में गड़बड़ी किए जाने की भी आशंका जताई है।

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