बांग्लादेश ने शेख हसीना की बातचीत पर जताई नाराजगी, कहा- द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा बुरा असर
हसीना ने दिसंबर में स्वदेश लौटने का संकल्प दोहराया
ढाका। बांग्लादेश ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को नई दिल्ली में मीडिया के साथ लाइव बातचीत करने की अनुमति दिए जाने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा है कि यह दोनों देशों के बीच सौहार्दपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के प्रयासों के विपरीत है। रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसने भारत सरकार को इस संबंध में पहले ही अपनी चिंताओं से अवगत कराते हुए चेतावनी दी थी कि ऐसा आयोजन दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने के प्रयासों को प्रभावित कर सकता है।
मंत्रालय ने गहरा खेद व्यक्त करते हुए कहा कि जुलाई क्रांति की दूसरी वर्षगांठ पर आयोजित यह मीडिया वार्ता बंगलादेश की संप्रभुता पर हमला और जुलाई 2024 के आंदोलन में मारे गए लोगों का अपमान है। बयान में यह भी कहा गया कि 2013 की बांग्लादेश-भारत प्रत्यर्पण संधि के तहत हसीना की वापसी के बार-बार किए गए अनुरोधों का अभी तक भारत की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। गौरतलब है कि अगस्त 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले जन विद्रोह के बाद शेख हसीना को मजबूरन देश छोड़ना पड़ा था।
इससे पहले हसीना ने संवाददाताओं से वर्चुअल तरीके से बातचीत में कहा कि वह इस वर्ष दिसंबर में स्वदेश लौटना चाहती हैं और इसके लिए वह पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा भारत में नहीं रह सकतीं और एक दिन मुझे अपने लोगों के बीच लौटना ही होगा। बांग्लादेश की जनता सुरक्षा, विकास और लोकतंत्र की हकदार है तथा देश को विकास, शांति और धर्मनिरपेक्षता के मार्ग पर वापस लाना आवश्यक है।"

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