ईरान-अमेरिका जंग भारतीय डिप्लोमैसी के लिए चुनौती: इजरायल बेहद करीबी मित्र तो ईरान से भी ऐतिहासिक रिश्ते
ईरान-इजराइल युद्ध: भारत की कूटनीतिक 'अग्निपरीक्षा'
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने भारत के लिए रणनीतिक चुनौती। दोनों पक्षों से गहरे रिश्तों के कारण भारत सतर्क। सरकार ने नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर तेहरान में फंसे भारतीयों को घरों में रहने की दी सलाह। वैश्विक भू-राजनीति में रूस और चीन की भूमिका पर भी सबकी नजरें टिकी।
नई दिल्ली। ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका की ओर से युद्ध शुरू होने के बाद भारत के सामने बहुत ही कठिन राजनयिक चुनौती खड़ी हो चुकी है। भारत और इजरायल बेहद करीबी मित्र हैं, तो ईरान के साथ भी भारत के पुराने ऐतिहासिक रिश्ते हैं और वह भारत के लिए सामरिक और आर्थिक रूप से भी बहुत ज्यादा अहमियत रखता है। इस लड़ाई में अमेरिका का इजरायल का साथ देने की वजह से भारत के सामने और भी अग्निपरीक्षा की स्थिति पैदा हो चुकी है। ईरान पर शनिवार को जिस तरह से अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हमला बोला है, उसकी आशंका बीते कई महीनों से थी। पिछले कुछ सप्ताह से तो अमेरिका ने इसके लिए अपना पूरा सैन्य बंदोबस्त भी कर लिया था। लेकिन, अब जंग की शुरूआत हो चुकी है और जिस तरह से कुछ देश ईरान के समर्थन में भी खुलकर सामने आने शुरू हुए हैं, इससे आने वाले अगले कुछ दिन जियोपॉलिटिक्स के लिए बहुत अहम होने वाले हैं।
रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर उंगली भी उठा दी
रूस ने तो खुलकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर उंगली भी उठा दी है। हालांकि, वह सीधे इस जंग में ईरान की ओर से कूदेगा, फिलहाल ऐसे कोई संकेत नहीं हैं। लेकिन, पहले से ही आफत में अवसर की तलाश में बैठा चीन इसका किस तरह से फायदा उठाना चाहेगा, यह देखने वाली बात है। ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध पर भारत ने शुरूआती प्रतिक्रिया में दोनों देशों में रह रहे अपने नागरिकों को पूर्ण एहतियात बरतने की एडवाइजरी जारी की है। तेहरान में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को सलाह दी है, पैदा हो रहे हालातों को देखते हुए, ईरान में सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि पूरी सावधानी बरतें, गैर-जरूरी मूवमेंट से बचें और जितना संभव हो घरों के अंदर ही रहें। भारतीय समाचार पर नजर रख सकते हैं, जागरूकता बनाए रखें और भारतीय दूतावास से अगले दिशा-निदेर्शों का इंतजार करें।

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