ईरान ने अब खाड़ी के 3 द्वीपों पर तैनात किया नया मिसाइल सिस्टम, डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद उठाया कदम

ईरान ने दुनिया को किया आगाह

ईरान ने अब खाड़ी के 3 द्वीपों पर तैनात किया नया मिसाइल सिस्टम, डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद उठाया कदम

अमेरिका के मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा कि ट्रंप की कोशिश तेहरान के साथ विश्वास बनाकर सशस्त्र संघर्ष को टालने की है।

तेहरान। ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने खाड़ी में तीन अहम द्वीपों पर नई मिसाइल सिस्टम की तैनाती की है। ईरान ने कहा है कि ये मिसाइल सिस्टम दुश्मन के ठिकानों, जहाजों और संपत्तियों को निशाना बना सकते हैं। ये हथियार ग्रेटर टुंब, लेसर टुंब और अबू मूसा द्वीप पर तैनात किए गए हैं। ये द्वीप होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हैं, जो दुनिया के लिए बहुत अहम शिपिंग रूट है। ईरान का साल 1971 से इन तीनों खाड़ी द्वीपों पर नियंत्रण है। हालांकि इन द्वीपों पर ईरान का संयुक्त अरब अमीरात के साथ विवाद भी रहा है। ईरान की ओर से द्वीपों पर मिसाइल सिस्टम की तैनाती ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता फिर से शुरू करने के लिए कहा है। ऐसा ना करने पर ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। ईरान के खाड़ी में मिसाइल सिस्टम की तैनाती के अलावा अमेरिका ने भी क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाई है। ईरान की तैनाती से क्षेत्र में अमेरिका के साथ उसकी तनातनी बढ़ सकती है।

ईरान ने दुनिया को किया आगाह
रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के नौसेना कमांडर अलीरेजा तांगसिरी ने कहा है कि हमारी रणनीति है कि हम इस द्वीप समूह पर ताकत बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि अब हम क्षेत्र में दुश्मन के ठिकानों, जहाजों और संपत्तियों पर हमला करने में सक्षम हैं। इसका मतलब है कि ईरान इन द्वीपों को अपनी रक्षा के लिए इस्तेमाल करने के लिए तैयार है। ईरान का कहना है कि नई मिसाइल सिस्टम 600 किलोमीटर (370 मील) तक किसी भी लक्ष्य को पूरी तरह से नष्ट कर सकती है। इससे ईरान की सैन्य क्षमता काफी बढ़ी है और वह क्षेत्र में किसी भी संभावित खतरे का जवाब देने के लिए बेहतर तरीके से तैयार है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में ईरान को परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए धमकी दी है।

ईरान ने दी कार्रवाई की धमकी
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा कि अमेरिका की धमकियों से ईरान को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई ईरान के साथ बुरा करने की कोशिश करेगा तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। अमेरिका के मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा कि ट्रंप की कोशिश तेहरान के साथ विश्वास बनाकर सशस्त्र संघर्ष को टालने की है। अमेरिका बातचीत से मसले का हल चाहता है।

 

Read More अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले किले में तब्दील हुआ इस्लामाबाद : ब्‍लू बुक प्रोटोकॉल लागू, C-130 विमान सहित 10,000 जवान तैनात

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

स्वच्छ भारत मिशन-शहरी को नई गति: 600 करोड़ खर्च, हर माह वेबिनार से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा स्वच्छ भारत मिशन-शहरी को नई गति: 600 करोड़ खर्च, हर माह वेबिनार से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
स्वच्छता के क्षेत्र में प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के उद्देश्य से स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के तहत वर्ष 2026–27...
प्रधानमंत्री मोदी ने चंद्र शेखर की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि : उनके आदर्शों के प्रति नए सिरे से प्रतिबद्धता का किया आह्वान, बताया परिपूर्ण जन नेता
सर्गेई लावरोव ने की कूटनीतिक रवैये की आलोचना, बोले- वादाखिलाफी की आदत छोड़ बातचीत को प्राथमिकता दे अमेरिका, अंतरराष्ट्रीय समझौतों के उल्लंघन का लगाया आरोप
निम्स मेडिकल कॉलेज को बड़ी सफलता: 5 घंटे चली जटिल सर्जरी, 15 वर्षीय बच्चे को मिला नया जीवन
दो दिवसीय चुनावी दौरे पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, सिलीगुड़ी-कोलकाता में कई कार्यक्रम
आरएएस परीक्षा 2024 : साक्षात्कार आज होंगे सम्पन्न, देर रात तक नतीजों की उम्मीद
लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उप सभापति चुने गए हरिवंश : पीएम मोदी और खरगे ने दी बधाई, कहा-सदन का आपके प्रति गहरा विश्वास