ब्रिटेन में डीपफेक बनाने के खिलाफ लागू होगा कानून, सहमति के बिना ऑनलाइन अश्लील इमेज बनाने वालों पर आपराधिक मुकदमा चलाने की तैयारी
वैश्विक कमाई के 10 प्रतिशत के बराबर जुर्माना लगा सकता है
केंडल ने संसद में कहा कि ऑनलाइन सुरक्षा अधिनियम 2023 के तहत, किसी की सहमति के बिना उसकी अश्लील तस्वीरें बनाना, साझा करना या साझा करने की धमकी देना व्यक्तियों और प्लेटफॉर्म दोनों के लिए एक आपराधिक कृत्य है।
लंदन। ब्रिटेन सरकार किसी उपभोक्ता की सहमति के बिना ऑनलाइन अश्लील इमेज बनाने वालों पर आपराधिक मुकदमा चलाने की तैयारी कर रही है। ब्रिटेन की विज्ञान, नवाचार और तकनीकी राज्य मंत्री लिज केंडल ने यह जानकारी दी है। ब्रिटिश मीडिया नियामक ऑफकॉम ने सोमवार को एक्स एआई और एलन मस्क के चैटबॉट ग्रॉक की जांच शुरू की। इनका इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके महिलाओं की सहमति के बिना उनकी अश्लील तस्वीरें बनाने के लिए किया गया था। अगर कोई उल्लंघन पाया जाता है, तो ऑफकॉम कंपनी की वैश्विक कमाई के 10 प्रतिशत के बराबर जुर्माना लगा सकता है।
केंडल ने संसद में कहा कि ऑनलाइन सुरक्षा अधिनियम 2023 के तहत, किसी की सहमति के बिना उसकी अश्लील तस्वीरें बनाना, साझा करना या साझा करने की धमकी देना व्यक्तियों और प्लेटफॉर्म दोनों के लिए एक आपराधिक कृत्य है। डेटा (उपयोग और पहुंच) अधिनियम 2025 ने बिना सहमति के अश्लील तस्वीरें बनाना या बनाने का अनुरोध करना एक आपराधिक कृत्य बना दिया है। आज मैं सदन के सामने यह घोषणा कर सकती हूं कि यह इस सप्ताह लागू किया जाएगा।
अवैध कंटेंट बनाएगा, उसे वही परिणाम भुगतने होंगे: एक्स के हालिया फैसले की भी आलोचना की, जिसमें ग्रॉक के तस्वीर बनाने के फीचर तक पहुंच को केवल प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेने वाले लोगों तक सीमित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे सिर्फ दुर्व्यवहार की एक कीमत तय हुई है।
मस्क ने एक्स पर तीन जनवरी को कहा कि जो कोई भी ग्रॉक का इस्तेमाल करके अवैध कंटेंट बनाएगा, उसे वही परिणाम भुगतने होंगे जैसे कि वे अवैध कंटेंट अपलोड करते हैं। ब्रिटेन का ऑनलाइन सुरक्षा अधिनियम 2023 ऑफकॉम को टेलीविजन, रेडियो और इंटरनेट पर उपभोक्ता संरक्षण कानून लागू करने के लिए व्यापक अधिकार देता है।

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