बांग्लादेश में ख़सरे का प्रकोप: लगातार बढ़ रहे बच्चों की मौत के मामले, 24 घंटों में संक्रमण के 685 नए मामले सामने आए
संकट में बचपन: बांग्लादेश में खसरे का कोहराम, 42 बच्चों की मौत
बांग्लादेश में खसरे (Measles) का प्रकोप भयावह रूप ले चुका है, जिससे अब तक 42 बच्चों की जान जा चुकी है। संक्रमण सभी जिलों में फैल गया है, जिसमें 9 महीने से कम उम्र के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हैं। टीकाकरण में कमी के कारण बिगड़ते हालात को देखते हुए सरकार ने आपातकालीन टीकाकरण अभियान शुरू करने का फैसला किया है।
ढाका। बांग्लादेश में ख़सरे का प्रकोप तेजी से बढ़ने से अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। देश के हर ज़िले में यह संक्रमण फ़ैल चुका है और बच्चों की मौत के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अब तक कम से कम 42 बच्चों की जान जा चुकी है। अगर ज़िला और निजी अस्पतालों के आंकड़े जोड़ें, तो यह संख्या 46 या उससे भी ज्यादा हो सकती है। पिछले 24 घंटों में ही संक्रमण के 685 नए मामले सामने आए हैं और चार बच्चों की मौत हुई है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यह बीमारी अब दूर-दराज़ के इलाकों तक पहुंच गई है, जिससे अस्पतालों पर बोझ़ बढ़ गया है। अकेले महाखाली के अस्पताल में 21 बच्चों की मौत हुई है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि संक्रमित होने वाले ज्यादातर बच्चे नौ महीने से कम उम्र के हैं, जिन्हें आमतौर पर टीका नहीं लगा होता। ख़तरे को देखते हुए कई माता-पिता ने बच्चों को स्कूल या डे-केयर भेजना बंद कर दिया है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिन बच्चों का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है, उन्हें घबराने की ज़रूरत नहीं है।
डॉक्टरों के अनुसार, चार महीने तक के बच्चों में भी ख़सरा देखा जा रहा है, जो कि काफी असामान्य है। वर्ष 2025 में बांग्लादेश में करीब 44 प्रतिशत बच्चे टीकाकरण के दायरे से बाहर रह गए थे, जिस कारण स्थिति गंभीर हुई है। अब सरकार ने हालात पर काबू पाने के लिए छह महीने से 10 साल तक के बच्चों के लिए विशेष आपातकालीन टीकाकरण अभियान शुरू करने का फ़ैसला किया है।

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