अमेरिका में ट्रंप की टैरिफ नीति पर नया विवाद, 25 डेमोक्रेट राज्यों ने कोर्ट से शुल्क निरस्त करने की मांग की

डेमोक्रेट शासित राज्यों की ओर से यह तीसरी कानूनी चुनौती

अमेरिका में ट्रंप की टैरिफ नीति पर नया विवाद, 25 डेमोक्रेट राज्यों ने कोर्ट से शुल्क निरस्त करने की मांग की
अमेरिका के 25 डेमोक्रेटिक राज्यों ने ट्रम्प प्रशासन के नए वैश्विक आयात शुल्कों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार अदालत में चुनौती दी है। राज्यों का आरोप है कि 60 देशों पर जबरन श्रम के नाम पर लगाए गए 10 से 12.5 प्रतिशत शुल्क अवैध हैं। याचिका में इन शुल्कों को रद्द करने की मांग की गई है।

वॉशिंगटन। अमेरिका के 25 डेमोक्रेट शासित राज्यों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के नये वैश्विक आयात शुल्कों को चुनौती देते हुए सोमवार को अदालत का दरवाजा खटखटाया। राज्यों का आरोप है कि श्री ट्रंप ने एक बार फिर व्यापक आयात शुल्क लगाने में अपने कानूनी अधिकारों का अतिक्रमण किया है। अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार न्यायालय में दायर याचिका में पिछले महीने 60 व्यापारिक साझेदार देशों से आयातित वस्तुओं पर लगाये गये 10 से 12.5 प्रतिशत तक के शुल्कों को चुनौती दी गयी है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ये शुल्क 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत विदेशी देशों में जबरन श्रम प्रथा की जांच के आधार पर लगाये गये हैं।

यह मामला ट्रंप की शुल्क नीति के खिलाफ दायर नवीनतम कानूनी चुनौती है। इससे पहले अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने आपातकालीन शक्तियों के तहत लगाये गये व्यापक आयात शुल्कों को अवैध ठहराया था। बाद में लगाये गये अस्थायी शुल्कों को भी निचली अदालत ने निरस्त कर दिया था। याचिका में कहा गया है कि प्रशासन जबरन श्रम के मुद्दे का इस्तेमाल अवैध शुल्क नीति जारी रखने के बहाने के रूप में कर रहा है।

राज्यों ने आरोप लगाया कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने धारा 301 के तहत निर्धारित वैधानिक और प्रक्रियागत आवश्यकताओं का पालन नहीं किया, जिससे ये शुल्क अवैध हो गये। उन्होंने अदालत से इन शुल्कों को निरस्त करने तथा पहले से जमा कराये गये शुल्क की राशि लौटाने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोंटा ने कहा, “ यह राष्ट्रपति ट्रंप का अवैध रूप से शुल्क लगाने का तीसरा प्रयास है, जिससे अमेरिकी परिवारों और छोटे कारोबारों पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा। इसी कारण हम तीसरी बार प्रशासन को अदालत में चुनौती दे रहे हैं।”

उधर, व्हाइट हाउस ने ट्रंप प्रशासन की शुल्क नीति का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका अपने वैधानिक अधिकारों का उपयोग उन अनुचित नीतियों और प्रथाओं को समाप्त कराने के लिए कर रहा है, जो अमेरिकी व्यापार और श्रमिकों को नुकसान पहुंचाती हैं। यह मुकदमा ओरेगन, एरिजोना और कैलिफोर्निया के नेतृत्व में दायर किया गया है। ट्रंप के दोबारा सत्ता में आने के बाद उनके वैश्विक शुल्क कार्यक्रम के खिलाफ डेमोक्रेट शासित राज्यों की ओर से यह तीसरी कानूनी चुनौती है।

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