विधानसभा सत्र से पहले विधायकों की बैठकों पर रोक, बिना सहमति बैठक हुई तो माना जाएगा विशेषाधिकार का हनन
विशेष निर्देश जारी किए
जयपुर। राजस्थान विधानसभा सत्र शुरू होने से दो दिन पहले से लेकर सत्र के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के दो दिन बाद तक राज्य, संभाग, जिला, तहसील और अन्य सभी स्तरों पर ऐसी कोई बैठक आयोजित नहीं की जाएगी, जिसमें विधायकों की सहभागिता आवश्यक हो। विधानसभा अध्यक्ष के निर्देशों के अनुपालन में प्रमुख सचिवों, सचिवों, विशिष्ट सचिवों, संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों, विभागाध्यक्षों, पंचायती राज विभाग और स्वायत्त शासन विभाग (यूडीएच) को इस संबंध में विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी अपरिहार्य परिस्थिति में इस अवधि के दौरान ऐसी बैठक आयोजित करना आवश्यक हो, तो संबंधित विधानसभा क्षेत्र के विधायक या संबंधित सदस्यों की पूर्व सहमति लेना अनिवार्य होगा। विधानसभा सचिवालय ने यह भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि संबंधित विधायक की सहमति के बिना बैठक आयोजित की जाती है, तो इसे विधानसभा के विशेषाधिकार का हनन माना जाएगा। ऐसे मामलों में विधानसभा की विशेषाधिकार समिति संबंधित अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई कर सकती है। इन निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विधानसभा सत्र के दौरान जनप्रतिनिधि सदन की कार्यवाही में निर्बाध रूप से भाग ले सकें और उनकी संसदीय जिम्मेदारियों में किसी प्रकार का प्रशासनिक व्यवधान उत्पन्न न हो।

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