निगम आयुक्त आकर बताएं चारदीवारी के मुख्य मार्गों से क्यों नहीं हटाए अवैध निर्माण : हाईकोर्ट
मामले में अदालती आदेश की पालना क्यों नहीं की गई ?
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने चारदीवारी के मुख्य मार्गों पर अवैध निर्माण को नहीं हटाने पर नगर निगम आयुक्त को 16 नवंबर को अदालत में हाजिर होने के आदेश दिए हैं। अदालत ने पूछा है कि मामले में अदालती आदेश की पालना क्यों नहीं की गई। जस्टिस इन्द्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने यह आदेश जितेन्द्र शर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि आगामी सुनवाई पर आदेश की पालना कर ली जाती है तो निगम आयुक्त को हाजिर होने की जरूरत नहीं है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता जीएस गिल ने मामले में अदालत के गत 7 अगस्त को दिए निर्देशों की पालना रिपोर्ट पेश करने के लिए छह सप्ताह का समय मांगा। इस पर अदालत ने रिपोर्ट पेश करने का समय देते हुए पालना नहीं होने पर निगम आयुक्त को तलब किया है। गत सुनवाई पर अदालत ने निगम आयुक्त को कहा था कि वे चारदीवारी के मुख्य मार्गों पर बिना अनुमति हुए निर्माणों को रोकें।
जनहित याचिका में अधिवक्ता उमेश व्यास ने कहा कि चारदीवारी के चौड़ा रास्ता क्षेत्र में हेरिटेज स्वरूप के साथ छेडछाड कर अवैध निर्माण किया गया है। यहां आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित हो रही हैं। निगम ने नोटिस भी जारी किए, लेकिन निर्माण हटाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में राज्य सरकार और नगर निगम को निर्देश दिए जाए कि वह हेरिटेज स्वरूप के साथ छेडछाड करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें।

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