भगवान श्री देवनारायण की पदयात्रा रवाना : उमड़े श्रद्धालु, दर्शन के लिए लगी कतारें
मनमोहक झांकी सजाई गई
जयपुर। श्री देवनारायण भगवान पदयात्रा मित्र मंडल समिति की ओर से शुक्रवार से 19वीं विशाल पदयात्रा श्री देवनारायण मंदिर (देवधाम) भोपा की ढ़ाणी, बेगस से रवाना हुई। इसमें आस-पास के लोग दर्शनों के लिए उमड़े और डीजे की ताल पर नाचते गाते रहे। आला सुबह से ही भगवान देवनारायण मन्दिर में भगवान श्रीदेवनारायण की नीम के पत्तों और फूल-मालाओं से मनमोहक झांकी सजाई गई। साथ ही मंदिर परिसर में विराजे शंकर भगवान के परिवार, भेरुजी महाराज और भोमिया जी महाराज की भी मनमोहक झांकी फूल मालाओं से सजाई गई, जिसको देखने के लिए और भगवान श्रीदेवनारायण के दर्शन के लिए मन्दिर में श्रद्धालुओं की कतारे लगी। इस दौरान आसपास के गांव के लोग भी भगवान श्रीदेवनारायण के दर्शन करने के लिए आए और महिलाओं ने डीजे पर भगवान देवनारायण के गानों पर डांस की मनमोहक प्रस्तुतियां दी। श्री देवनारायण महा कथा के गायक भोपाजी बिरदी चन्द कुमावत ने यात्रा की शुरूआत में देवनारायण भगवान, शंकर भगवान के परिवार और भेरुजी-भोमिया जी महाराज की पूजा-अर्चना और आरती की।
इसके बाद, भक्तों को प्रसादी का वितरण किया। भोपाजी बिरदी चन्द कुमावत ने बताया कि यह यात्रा 17 सितंबर को देवनारायण भगवान की जन्मस्थली पर स्थित अंतरराष्ट्रीय मंदिर मालासेरी डूंगरी, भीलवाड़ा पहुंचेगी और वहां पर भगवान देवनारायण के झंड़ा चढ़ाने के बाद पूजा अर्चाना की जाएगी। मालासेरी मंदिर पहुँचने पर मुख्य पुजारी हेमराज पोसवाल यात्रा का स्वागत करेंगे और पूजा अर्चना करवाएंगे। इसके बाद यात्रा के पदाधिकारी आसींद सवाई भोज मंदिर, गोटा स्थित श्री देवनारायण जी का मंदिर और देवमाली स्थित श्री देवनारायण जी के मंदिर के दर्शन करके वहां झंडा चढ़ाएंगे।
7 दिवसीय यात्रा मार्ग एवं रात्रि विश्राम की संपूर्ण रूपरेखा :
11 सितम्बर (शुक्रवार): दोपहर विश्राम नासनोदा तथा रात्रि विश्राम डी.लाइट फ्यूल (गिंदानी इण्डियन ऑयल, प्रमोद कुमार)।
12 सितम्बर (शनिवार): दोपहर विश्राम नौरिया का बालाजी एवं रात्रि विश्राम श्री देव मार्केट-किशनगढ़ बाईपास।
13 सितम्बर (रविवार): दोपहर विश्राम बालाजी मंदिर और रात्रि विश्राम श्री चन्दनाथ आदर्श विद्या मंदिर-नसीराबाद।
14 सितम्बर (सोमवार): दोपहर विश्राम फौजी का ढाबा (बांदनवाड़ा) व रात्रि विश्राम बाफना जैन तीर्थ (27 मील, विजय नगर)।
15 सितम्बर (मंगलवार): दोपहर विश्राम रूपहाली चौराहा तथा रात्रि विश्राम देवनारायण मंदिर, उखलिया।
16 सितम्बर (बुधवार): दोपहर विश्राम तांबेशर बावड़ी बालाजी और रात्रि विश्राम मालासेरी डूंगरी, श्री देवनारायण भगवान की जन्मस्थली मंदिर.
17 सितम्बर (गुरुवार): देव दर्शन मालासेरी डूंगरी, सवाईभोज, गोटा दड़ावट, देवमाली धाम एवं यात्रा का सफल समापन।

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