एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टर्स की मैपिंग से निर्यात और निवेश बढ़ाने पर जोर, किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए प्रसंस्करण और निर्यात पर फोकस
35 स्थानों पर भूमि आवंटित हो चुकी
जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रदेश में कृषि उपज को प्रसंस्करण, बाजार और निर्यात से जोड़कर किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रस्तावित एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टर्स की फसल एवं क्षेत्रवार विस्तृत मैपिंग कर आर्थिक, निवेश और निर्यात संभावनाएं चिन्हित करने तथा ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा। शासन सचिवालय में आयोजित हितधारकों की बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि क्लस्टर्स को केवल उत्पादन और प्रसंस्करण तक सीमित नहीं रखा जाए। छंटाई, श्रेणीकरण, पैकेजिंग, शीत भंडारण, प्रसंस्करण, परिवहन, आपूर्ति, ब्रांड निर्माण और बाजार से जुड़ाव की पूरी मूल्य श्रृंखला विकसित की जाए। इससे फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी आएगी और किसानों को बेहतर बाजार एवं मूल्य मिल सकेगा।
मुख्य सचिव ने नाबार्ड को क्लस्टर्स की आर्थिक संभावनाओं के साथ किसान उत्पादक संगठनों की मैपिंग के निर्देश दिए। उद्योग विभाग ने बड़े कृषि प्रसंस्करण उद्यमों और निजी निवेश को आकर्षित करने पर जोर दिया। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अनुसार राजस्थान फूड पार्क डेवलपमेंट पॉलिसी-2026 के तहत 39 फूड पार्क प्रस्तावित हैं, जिनमें 35 स्थानों पर भूमि आवंटित हो चुकी है। प्रदेश में 2 मेगा फूड पार्क, 4 एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टर्स और 6 आरआईआईसीओ/स्पाइस पार्क उपलब्ध हैं। मूंग, सरसों, सोयाबीन, किन्नू, अनार, अमरूद, संतरा, इसबगोल, जीरा और लहसुन आधारित 10 क्लस्टर्स विकसित किए जा रहे हैं।

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