नगरीय निकाय चुनाव : मतों की खरीद-फरोख्त के आरोपों से विवाद उत्पन्न, वार्ड 42 में फर्जी वोटिंग और पैसे बांटने के आरोप
सबसे बड़ा मुकाबला अलवर नगर निगम में
अलवर। राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण में अलवर जिले के नगर निगम सहित पांच निकाय क्षेत्रों में मतदान सुबह सात बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुआ। सुबह मतदान शुरु होते ही मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया और मतदान शाम छह बजे तक चलेगा। पहले चरण में नगर निगम अलवर सहित रामगढ़, नौगांवा, मालाखेड़ा और बहादुरपुर नगरपालिका के तीन लाख 28 हजार 710 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे।
सबसे बड़ा मुकाबला अलवर नगर निगम में है, जहां 65 वार्डों के लिए 2 लाख 68 हजार 292 मतदाता मतदान कर सकेंगे। इनमें एक लाख 37 हजार 558 पुरुष, एक लाख 30 हजार 717 महिला और 17 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। वहीं रामगढ़ में 27,005, नौगांवा में 8,083, मालाखेड़ा में 9,555 और बहादुरपुर में 15,775 मतदाता वोट डाल सकेंगे। नगर निगम में 344 प्रत्याशी अपने चुनावी भाग्य आजमा रहे हैं। अलवर नगर निगम के 65 वार्डों में भाजपा के 65, कांग्रेस के 64 और 215 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। कुल 344 प्रत्याशियों में 209 पुरुष और 135 महिला उम्मीदवार हैं।
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव में मतदान से ठीक पहले अलवर के वार्ड नंबर 42 स्थित दिवाकरी में मंगलवार रात कथित तौर पर मतों की खरीद-फरोख्त से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद सियासत गरमा गयी है। वायरल वीडियो में मिठाई के डिब्बों में कलाकंद के साथ 500-500 रुपए के नोट दिखाई दे रहे हैं। डिब्बों पर एक प्रत्याशी की फोटो वाला स्टिकर लगा होने का दावा किया जा रहा है। वायरल वीडियो की हालांकि स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने इस पूरे मामले को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि यह प्रसाद का डिब्बा था, जिसे कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा पैसे बांटने के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है। जूली ने साफ तौर पर कहा कि वोट के बदले पैसे बांटने का आरोप गलत है।
बताया जा रहा है कि मतदान से एक रात पहले करीब रात एक बजे दिवाकरी क्षेत्र में एक गाड़ी काफी देर से घूम रही थी। शक होने पर कुछ लोगों ने गाड़ी का पीछा किया। इसके बाद दिवाकरी में कार एक स्थान पर खड़ी मिली। दावा है कि कार में सवार लोग मिठाई के डिब्बे निकाल रहे थे। इसी दौरान वहां लोगों की भीड़ जमा हो गयी और कार में सवार लोग कथित तौर पर कार एवं डिब्बों को छोड़कर वहां से भाग गये।
मौके पर मौजूद लोगों ने डिब्बे खोले तो उनमें कलाकंद के साथ 500-500 रुपए के नोट होने का दावा किया गया। डिब्बों पर एक प्रत्याशी का स्टिकर लगे होने की बात भी कही गयी। लोगों ने इसकी सूचना वैशाली नगर थाना पुलिस को देने की बात कही, लेकिन पुलिस ने इस तरह की घटना होने से इन्कार किया है। वायरल वीडियो को लेकर प्रत्याशी ने इसे झूठा बताया। उनका कहना है कि ऐसा वीडियो किसी के लिए भी बनाया जा सकता है। वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रत्याशी सुमित वर्मा ने वोट के बदले नोट बांटने का आरोप लगाया है।
इस पूरे मामले में अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गये हैं। एक तरफ वायरल वीडियो को लेकर गंभीर आरोप लगाये जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस इसे भाजपा की साजिश और फर्जी वीडियो का मामला बता रही है। मतदान के दिन सामने आये इस विवाद ने वार्ड 42 के चुनावी मुकाबले को और गरमा दिया है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे डिब्बों और रुपयों की वास्तविकता क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
राजस्थान में अलवर नगर निगम चुनाव के मतदान के दौरान एक वार्ड में फर्जी मतदान के आरोप को लेकर हंगामा हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार जयपुर रोड स्थित सिल्वर ओक स्कूल मतदान केंद्र पर फर्जी मतदान के आरोप लगाते हुए प्रत्याशी समर्थकों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मतदान केंद्र पर लोगों की भीड़ इक्कटा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर मौजूद लोगों और प्रत्याशी समर्थकों ने आरोप लगाया कि मतदान केंद्र पर फर्जी तरीके से मत डाले जा रहे हैं। आरोपों को लेकर समर्थकों ने जमकर हंगामा किया और मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाए। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस जाब्ता मतदान केंद्र पर तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और लोगों को शांत कराया। फिलहाल मतदान केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है।

Comment List