फर्जी राजनीतिक दलों के जरिए 10 हजार करोड़ रुपये का काला धन हुआ सफेद, जेपीसी करे जांच : कांग्रेस
फर्जी राजनीतिक दलों से मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
नई दिल्ली। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संरक्षण में देशभर में 3,260 फर्जी राजनीतिक दल बनाकर 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के काले धन को सफेद करने की धांधली से बड़े स्तर पर कर चोरी की गई है। कांग्रेस प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इन पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपी) के जरिए करोड़ों रुपये का चंदा दिखाकर, कर में छूट का लाभ लिया गया और दो से 15 प्रतिशत तक कमीशन काटकर शेष राशि वापस उन्हीं करोड़पतियों को पहुंचाई गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि आयकर विभाग और कर न्यायाधिकरण द्वारा कथित फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बावजूद संबंधित लोगों के खिलाफ न तो दंडात्मक कार्रवाई की गई और न ही आपराधिक मामला चलाया गया। उन्होंने कहा कि आयकर अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में अभियोजन और सात साल तक की सजा का प्रावधान है। गोहिल ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि राजनीतिक दलों को मिले चंदे और उनके खर्च का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करना तथा उसकी जानकारी आयकर विभाग को भेजना आयोग की जिम्मेदारी थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फर्जीवाड़े में शामिल कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंटों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश किए जाने के बावजूद सरकार ने उन पर की जाने वाली कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की मांग की और कहा कि बोगस दानदाताओं पर कानूनी जुर्माना लगाकर आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए। पार्टी ने फर्जी राजनीतिक दलों के कर्ता-धर्ताओं तथा घोटाले में शामिल चार्टर्ड अकाउंटेंटों के खिलाफ भी आपराधिक मामले दर्ज करने और दानदाताओं तथा संबंधित कंपनियों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की।

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