ई-रिक्शा और दोपहिया वाहन चालकों को राहत, अब ई-रिक्शा और टू-व्हीलर की आरटीओ में हो सकेगी फिटनेस जांच
एटीएस पर फिटनेस जांच अनिवार्य नहीं होगी
जयपुर। ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) की कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा और टू-व्हीलर्स की फिटनेस जांच को लेकर राहत दी है। अब इन वाहनों के लिए एटीएस पर फिटनेस जांच अनिवार्य नहीं होगी। जब तक एटीएस में टू-व्हीलर टेस्टिंग लेन शुरू नहीं होती, तब तक आरटीओ कार्यालयों में मैनुअल तरीके से फिटनेस जांच जारी रहेगी।
दरअसल, देश में चालू 158 एटीएस में से केवल 30 में ही टू-व्हीलर टेस्टिंग लेन उपलब्ध है। वहीं इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के लिए अभी तक औपचारिक टेस्ट नियम भी नहीं बने हैं। इनके टेस्ट पैरामीटर्स एटीएस मशीनों और एएफएमएस वर्कफ्लो में शामिल नहीं हैं। गुजरात, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सामने आई परेशानी के बाद सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने यह फैसला लिया है।
राज्यों को यह पुष्टि करनी होगी कि उनके स्थानीय एटीएस में 2 व्हीलर टेस्टिंग लेन उपलब्ध नहीं है। इसके बाद आरटीओ में फिटनेस जांच की जा सकेगी। सीएमवीआर के नियम 62 के तहत दी गई इस राहत से ई-रिक्शा और ईवी-ऑटो चालकों को फिटनेस सर्टिफिकेट आसानी से मिल सकेगा। इससे वाहन मालिकों को एटीएस की कमी के कारण होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी।

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