दलितों के प्रदर्शन के बाद सड़क शुद्धिकरण पर तेलंगाना में सियासी बवाल, कांग्रेस ने बीआरएस पर लगाए गंभीर आरोप
केसीआर के फार्महाउस पर सड़क के 'शुद्धिकरण' पर बढ़ा विवाद
हैदराबाद। तेलंगाना में मुख्य विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के फार्महाउस के पास दलित कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बाद सड़क पर शुद्धिकरण किए जाने के कथित मामले ने राज्य में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। विधायक डॉ. बालमूर वेंकट ने इस मामले पर कठोर प्रतिक्रिया जताते हुए बीआरएस पर'दलित विरोधी मानसिकताÓरखने का आरोप लगाया है। तेलंगाना विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में डॉ. वेंकट ने फार्महाउस के पास दलितों के विरोध प्रदर्शन के बाद क्षेत्र को कथित तौर पर हल्दी के पानी से शुद्ध किए जाने की घटना की कड़े शब्दों में ङ्क्षनदा की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल दलित समुदाय के लोगों के एकत्र होने से कोई स्थान अपवित्र हो जाता है? उन्होंने कहा कि विरोध के बाद क्षेत्र का इस तरह शुद्धिकरण करना सीधे तौर पर जातिगत भेदभाव और अछूत प्रथा को बढ़ावा देने जैसा है।
डॉ. वेंकट ने बीआरएस नेतृत्व से इस कृत्य पर स्पष्टीकरण की मांग की और राव से दलित समुदाय से माफी मांगने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी स्थापना के समय से ही बीआरएस की नीतियां दलितों का अपमान करने की रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि बीआरएस शासनकाल के दौरान एक दलित उपमुख्यमंत्री को कैबिनेट से हटाया गया था और उनके नेता भट्टी विक्रमार्क को विपक्ष के नेता का दर्जा देने से इनकार किया गया था। जब इसका विरोध किया गया तो दलित नेता संपत कुमार को विधानसभा से निलंबित कर दिया गया था।
कांग्रेस एमएलसी ने बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव की मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ की गई हाल की टिप्पणियों की भी तीखी आलोचना की और इसे पार्टी नेतृत्व का अहंकार करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बीआरएस ने अपना दृष्टिकोण नहीं बदला, तो तेलंगाना की जनता और दलित समाज उसे आने वाले समय में कड़ा सबक सिखाएगा।

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