राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ पर बोले Yogi, कुपोषण खत्म कर स्वस्थ समाज और मजबूत भारत बनाने का संकल्प
राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें कोई गरीब, कमजोर या कुपोषित न रहे और हर व्यक्ति स्वस्थ समाज तथा समग्र भारत के निर्माण में योगदान दे सके। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं के प्रभाव से आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल वाटिकाओं में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले ऐसी व्यवस्था शासन के एजेंडे का हिस्सा क्यों नहीं बन सकी, इस पर विचार करने की जरूरत है। उस समय बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो होती थीं लेकिन गरीबों, कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं के लिए, जिनकी कोख में भारत का भविष्य पलता है, सरकार का विजन और एजेंडा अपेक्षित रूप से धरातल पर नहीं उतर पाया।
सीएम योगी ने वाराणसी के रुद्राक्ष अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र में राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के शुभारंभ के अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से संवाद किया और उनसे केंद्रों पर बच्चों के जीवन में आए बदलाव के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शासन की आदर्श व्यवस्था को सामान्य भाषा में रामराज्य कहा जाता है। गोस्वामी तुलसीदास ने इसकी अवधारणा को बहुत सरल शब्दों में व्यक्त करते हुए कहा है-"नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना।'अर्थात ऐसी व्यवस्था, जहां किसी प्रकार की गरीबी, कमजोरी या दीन-हीनता न हो और सभी लोग स्वस्थ एवं गुणों से युक्त होकर समाज तथा देश के विकास में योगदान दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के सफलतापूर्वक दस वर्ष पूरे होने के साथ ही पोषण माह के नौवें चरण में देश आगे बढ़ रहा है। इस दौरान सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभाव से समाज के कमजोर वर्गों तक पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं पहुंचाने का काम तेजी से हुआ है। उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में जिलों के भ्रमण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल वाटिकाओं का निरीक्षण जरूर करते हैं तथा वहां संचालित गतिविधियों को नजदीक से देखते हैं।
योगी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में आज जो परिवर्तन दिखाई दे रहा है, वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2001 में गुजरात की धरती से जिस विजन की परिकल्पना की थी, वह आज पूरे देश में लागू हो रहा है। उत्तर प्रदेश भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं।

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