वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण पर कांग्रेस-नेकां में मतभेद, श्रीनगर समारोह के बाद सियासी विवाद गहराया
वंदे मातरम् के पूर्ण गायन पर सियासत
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण को लेकर कांग्रेस और उसकी गठबंधन सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के बीच मतभेद सामने आ गए हैं। श्रीनगर में अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के उद्घाटन समारोह में वंदे मातरम् का पूर्ण संस्करण गाए जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति जतायी थी। समारोह में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेकां अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला भी मौजूद थे।
कांग्रेस महासचिव और संगठन प्रभारी के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कार्यक्रम का वीडियो साझा करते हुए नेकां से कांग्रेस के उस रुख का समर्थन करने का आग्रह किया, जिसमें वंदे मातरम् के केवल पहले दो अंतरों के गायन पर जोर दिया गया है । उन्होंने कहा, वंदे मातरम् का पूर्ण संस्करण उस सौहार्दपूर्ण और बहुलतावादी भावना के अनुरूप नहीं है, जिसकी स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत के लिए कल्पना की और उसे विकसित किया था।
वेणुगोपाल ने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, सुभाष चंद्र बोस, राजेंद्र प्रसाद, आचार्य नरेंद्र देव, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरोजिनी नायडू और जे.बी. कृपलानी का उल्लेख करते हुए कहा कि गीत को लेकर स्वतंत्रता सेनानियों का सामूहिक निर्णय महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह ने भी गीत के स्वरूप को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने सहयोगियों से स्वतंत्रता सेनानियों के निर्णय का सम्मान करने और उसी संस्करण को गाने की अपील करती है, जिसे उन्होंने अपनाया था। उन्होंने कहा कि उस संस्करण का चयन जानबूझकर किया गया था ताकि गीत का सांप्रदायिकरण न हो और गणराज्य के धर्मनिरपेक्ष एवं समावेशी चरित्र को कायम रखा जा सके। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष तारिक कर्रा ने भी पूर्ण संस्करण गाए जाने पर चिंता जतायी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीक, गीत और परंपराएं हर भारतीय के लिए विशेष महत्व रखती हैं और उनकी वास्तविक शक्ति देश की विविधता को एकजुट करने में है।
उन्होंने कहा कि गठबंधन सहयोगियों का वंदे मातरम् का पूर्ण संस्करण गाना ङ्क्षचता का विषय है, क्योंकि यह स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर गणराज्य की संवैधानिक यात्रा तक गीत की भूमिका के क्रमिक विकास की अनदेखी करता है। वेणुगोपाल की टिप्पणी पर भाजपा की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई ने इसे कांग्रेस के लिए एक नया निम्न स्तर बताया।
भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई ने एक्स पर कहा, उनके अपने सहयोगी दलों के मुस्लिम नेता गर्व और पूरे आत्मविश्वास के साथ वंदे मातरम् गा रहे हैं और कांग्रेस, जो खुद को मुसलमानों की स्वयंभू ठेकेदार मानती है, उन्हीं नेताओं को गाली दे रही है और वंदे मातरम् को मुस्लिम विरोधी बता रही है। आप होते कौन हैं? चावल के बदले धर्म परिवर्तन करने वाले लोग अब वास्तविक मुसलमानों को इस्लाम और मुस्लिम विरोधी होने का पाठ पढ़ाएंगे? आप दो-तीन कट्टरपंथी मुल्लाओं के तलवे चाटने के लिए पूरे समुदाय और पूरे देश को बेच देंगे? कांग्रेस से ज्यादा मुस्लिम विरोधी और राष्ट्र विरोधी कोई पार्टी नहीं है। आप शर्म की बात हैं। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) ने पिछले महीने वंदे मातरम् को लेकर 1937 के पार्टी प्रस्ताव का पालन करने का फैसला किया था। इसके तहत भविष्य के कांग्रेस कार्यक्रमों में गीत के केवल पहले दो अंतरे गाए जाएंगे।

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